
उदयपुर . आधुनिक राजस्थान के निर्माता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़़ि़या के सुपुत्र दिलीप सुखाड़़ि़या का दिल का दौरा पड़ने से शनिवार को निधन हो गया। वे यहां शोभागपुरा स्थित फोर्टिस अस्पताल में एक सप्ताह से भर्ती थे। दिलीप सुखाडिय़ा के परिवार में पत्नी नीलिमा सुखाडिय़ा, उनकी एक पुत्री है और उनके छोटे भाई अरुण सुखाडिय़ा हैं। अन्तिम यात्रा 6 मई रविवार को प्रात: 11 बजे दुर्गानर्सरी रोड स्थित उनके निवास आशीर्वाद हाउस से प्रारम्भ होकर अशोक नगर स्थित श्मशान घाट पहुंचेगी। अंतिम यात्रा में कांग्रेस के बड़़े़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
68 वर्षीय सुखाडिय़ा ने राजनीति में सक्रिय होकर उन्होंने पत्नी नीलिमा सुखाडिय़ा को महापौर का चुनाव लड़ाया था, उसके बाद वे कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रहीं। इस दौरान दिलीप सुखाडिय़ा ने उनका साथ देते हुए अपने घर पर ही कांग्रेस कार्यालय बनाया और पार्टी से रूठे कइयों को एक कर पार्टी को मजबूती प्रदान की। उनके निधन की सूचना पर कांग्रेसियाेें में शोक की लहर छा गई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट सहित कई नेताओं ने शोक जताया।
सुखाडिय़ा के निधन पर रक्षाबंधन , धानमण्डी स्थित जिला कांग्रेस मीडिया सेन्टर पर मृतात्मा की शान्ति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। सुखाडिय़ा के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए मीडिया सेन्टर अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा ने कहा कि सरल एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी सुखाडिय़ा का निधन कांग्रेस परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है। अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाडिय़ा के पदचिन्हों पर चलते हुए सुखाडिय़ा ने विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर रहते हुए आजीवन सामाजिक उत्थान के लिए कार्य किया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर मीडिया सेन्टर अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा, प्रवक्ता फिरोज अहमद शेख, सुधीर जोशी, अशोक तम्बोली, संदीप गर्ग, पिन्टू मेघवाल, अवतार मीणा, निरंजन भट्ट, मदन पटेल सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित थे।