गींगला पसं. सलू बर तहसील की करावली स्थित आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भामाशाहों के सहयोग से नवाचार हुए।
गींगला पसं. सलू बर तहसील की करावली स्थित आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भामाशाहों के सहयोग से नवाचार हुए। प्रधानाचार्य डॉ. विजय चौधरी की प्रेरणा से हुए नवाचार और कार्यों को लेकर ही राज्य सरकार ने हाल ही में सलूंबर में हुए आयोजन में उन्हें स मानित किया। इस सरकारी स्कूल का संचालन निजी क्षेत्र के स्कूल से बेहतर संचालन हो रहा है। स्कूल प्रबंधन ने 57 पेज की पुस्तिका गत दिवस कलक्टर को सौंपी।
जिसमें भामाशाहों के सहयोग से स्कूल में किए गए नवाचार, साधन-सुविधाएं और कार्य फोटो सहित पेश किए। जिससे एक प्राईवेट स्कूल से बेहतर सरकारी स्कूल बताया। इस पर कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने प्रधानाचार्य डॉ. चौधरी को स मानित किया। गौरतलब है कि करावली स्कूल में हुए विकास कार्य और नवाचारों को राजस्थान पत्रिका ने नींव अभियान के तहत समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किए थे। समाचार स मान का आधार बने।
ये है विशेषता
स्कूल के द्वार से लेकर भित्ती चित्र, खेल मैदान, किचन गार्डन बना है, जहां से सब्जिया उगाकर मिड डे मिल में उपयोग की जाती है। थ्री डी मानचित्र, प्रोजेक्टर से पढ़ाई, क प्यूटर शिक्षा, मनोरंजन सुविधाएं आदि विकसित की गई है। ग्रामीणों ने इस स मान पर खुशी जताई है।
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भटेवर. नवानिया के खोरामगरा मोहल्ला वार्ड-11 में संचालित राजकीय संस्कृत विद्यालय भवन पर मंगलवार को उस समय ताला लगा मिला, जब बच्चे सुबह स्कूल पहुंचे थे। भवन में स्कूल संचालक का किराया बीते 7 साल से बकाया होने के कारण मकान मालिक ने ताला लगा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि खोरामगरा में संचालित राजकीय संस्कृत विद्यालय के पास अपना विद्यालय भवन नहीं होने से बीते सालों से विद्यालय किराए के भवन में संचालिक हो रहा था। किराए का भुगतान भवन मालिक को पिछले सात साल से ग्राम पंचायत की ओर से नहीं किया गया। भवन मालिक सात साल से बिना किराए स्कूल संचालन करवा रहा था। इसके बावजूद भी किराया नहीं देने पर भवन मालिक ने मंगलवार सुबह गेट पर ताला लगा दिया। शिक्षकों के आने पर ताला लगा होने की जानकारी मिली। बच्चे गेट के बाहर बैठे दरवाजा खुलने का इंतजार कर रहे थे।