लॉकडाउन में सैकड़ों बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस से अवगत करवाया
उमेश मेनारिया / मेनार (उदयपुर). जिस तरह छोटे बच्चों के स्कूल में शिक्षिकाएं उन्हें गुड टच और बैड टच का पाठ पढ़ाती थीं। ठीक उसी तरह इन दिनों गांव की जागरूक बेटियां अपने स्तर पर छोटे बच्चों एवं बालिकाओं को गुड़ टच, बेड टच के बारे में जागरूक कर रही हैं।
बालिका शिक्षा और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले एनजीओ से जुड़ी मेनार निवासी नेहा मेनारिया अपने गांव की बालिकाओं को इसके बारे में जागरूक कर रही है। पिछले 3 सप्ताह से प्रतिदिन आयोजित हो रहे इस सेशन में बच्चियां रोजाना शामिल हो रही हैं। 2 घण्टे तक चलने वाले इस सेशन में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। बच्चों को गुड टच और बेड टच के बारे में समझ विकसित की जा रही है, वही स्वयं की सुरक्षा और बोलने की आजादी विषय पर जानकारी दी जा रही है । बच्चों को इस तरह से जागरूक किया जा रहा है कि उनके साथ यदि कोई गलत हरकत करता है तो वे अपने अभिभावकों से इस पर बात कर सकें। नेहा मेनारिया पिछले कुछ दिनों से अपने घर पर ही बालिकाओं को सेमिनार और इवेंट्स के माध्यम से जागरूक कर ही हैं।
बच्चों और अभिभावकों के बीच बॉन्डिंग बनाने का प्रयास
बच्चों को जागरूक कर रही नेहा मेनारिया ने बताया कि बच्चों को गुड टच और बेड टच के बारे में बताना उतना ही जरूरी है, जितना बच्चे के लिए सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करना। यह भी पढ़ाई का एक अहम हिस्सा है। इवेंट्स सेमिनार में एक बार काउंसलिंग की जाती है और उनसे उनकी समस्याओं के बारे में बात की जाती है। अच्छी बात यह है कि कोरोना के कारण जब बच्चे घर पर हैं तो उनके लिए इसे समझना और भी आसान हो गया है। रोजाना बच्चों को अपने स्तर पर जाग?रूक कर रहे हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि गलत होने पर आकर बताएं। इस तरह की बॉन्डिंग बच्चों और अभिभावकों के बीच बन रही है।