भरतपुर में डा. के रिश्वत लेने का मामला
उदयपुर. विस में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि भरतपुर में एसीबी ने रिश्वत लेते पकड़े डॉ अनिल गुप्ता को 12 घंटों के भीतर ही छोड़ दिया, ऐसी कौनसी मजबूरी आ गई। कटारिया ने एक बयान में कहा कि सवेरे 9 बजे डाक्टर को पकड़ा और 12 घंटे बाद किसके कहने पर व किस कारण से उसको जमानत पर छोड़ दिया। मैने डीजी से भी बात की और छोडऩे का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि कोरोना काल में डॉक्टरों को विशेष रियायत दी है, कटारिया ने सवाल करते हुए कहा कि भरतपुर में कितना संक्रमण फैल गया है जिससे डॉक्टर की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह एसीबी के सम्मान को घिराने का काम है। कटारिया ने कहा कि पहली बार मुझे लगा कि व्यक्ति-व्यक्ति में ही एसीबी के अंदर फर्क पड़ता है इसका नमूना भरतपुर में दिखने को मिला।
इधर, उदयपुर में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा शहर जिला की ओर से बड़बड़ेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कटारिया ने कहा कि जनजाति वर्ग के लोगों के लिए भाजपा सरकारों ने बहुत कुछ किया है। मेवाड़ अंचल में टीएसपी एरिया में 45 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य स्व. भैरूसिंह शेखावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के समय हुआ, जिसकी वजह से आदिवासी अंचल क्षेत्र के कई लोगों को मौका मिला। कटारिया ने कहा कि छोटे से छोटे व्यक्ति के टैक्स के पैसे से सरकार का खजाना भरता है एवं सभी योजनाओं के माध्यम से वह पैसा जनहित के कार्य में लगता है। पहले कांग्रेस के समय वह पैसा पूरा जनता तक नहीं पहुंच पाता था परंतु केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद पूरा पैसा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है। राजनेता वोट की पेटी से पैदा होते हैं एवं अगर आप लोग उन्हें वोट ना दो तो राजनेताओं को घर बैठना पड़ जाए।