उदयपुर

#sehatsudharosarkar आठ में 7 दिन चिकित्सकों की वीसी, मरीज रामभरोसे

चिकित्सा अधिकारी स्तर के चिकित्सकों को भी बुलाया जा रहा वीडियो कॉन्फ्रेंस में, अगले 3 दिन में 2 और वीसी

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Sehat sudharo sarkar

उदयपुर . शाम के 4.45 बजे। उदयपुर जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी जनसुनवाई केंद्र में। प्रदेश स्तर पर कुशल मंगल कार्यक्रम और दिव्यांग कार्यक्रम को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस हो रही थी। तभी कंट्रोल रूम के फोन ने चिकित्सा अधिकारियों के बीच खलबली मचा दी। सूचना थी कि खेरवाड़ा ब्लॉक के पहाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ नदारद है और गर्भवती ने चिकित्सालय के बाहर नवजात को जन्म दिया है और उसे भीतर भर्ती करने वाला कोई नहीं है। बस फिर क्या था, अधिकारियों के हाथ-पैर फूलने लगे। पहले सीएमएचओ, फिर आरसीएचओ और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी एक के बाद एक कर फोन घुमाने लगे और वस्तुस्थिति का पता लगाने में जुट गए। हालांकि अंत में यह सूचना अफवाह निकली, लेकिन हकीकत यह है कि चिकित्सकों के कार्य समय में हो रही वीसी जिले में मरीजों पर भारी पड़ रही है।


चिकित्साकर्मियों की अनुपस्थिति में राजकीय संस्थानों के बाहर प्रसव होने के मामले पहले सामने आ चुके हैं। कड़वा सच यह है कि बीते 8 दिन में चिकित्सा विभाग के स्तर पर 7 वीसी हो चुकी हैं। अभी 29 सितम्बर तक 2 और वीसी होनी हैं। ऐसे में मरीजों को देखने का चिकित्सकों के पास समय ही नहीं हैं। वीसी की अनिवार्यता और समय पर उपस्थिति का खमियाजा मरीज उठा रहे हैं। दरअसल, बीते दिनों से वीसी में चिकित्सा अधिकारी स्तर की अनिवार्य उपस्थिति ने ढांचागत व्यवस्थाओं को गड़बड़ा दिया है।

विभागीय निर्देश पर वीसी
प्रशासनिक निर्देशानुसार वीसी होती है। राजकीय हित में निर्देश की पालना करनी होती है। काम का भार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जिम्मेदारी से मुंह मोड़ा जाए। पीएचसी के बाहर प्रसव की सूचना गलत है।
डॉ. संजीव टाक, सीएमएचओ, उदयपुर


वीसी में थे हम
मैं और मेडिकल ऑफिसर वीसी में थे। सीएमएचओ का फोन आने पर जानकारी जुटाई। मामला गलत निकला।
डॉ. महेंद्र परमार, बीसीएमओ, खेरवाड़ा

Published on:
27 Sept 2017 04:45 pm