उदयपुर

गुलाब के साथ ‘कांटों भरा ताज’, उदयपुर में भाजयुमो देहात जिलाध्यक्ष को अपनों से चुनौती

देहात मोर्चा की गतिविधियों में जिलाध्यक्ष औदिच्य के तौर पर गृहमंत्री के दखल को देहात भाजपा पचा नहीं पा रही

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उदयपुर . गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ जाकर पहले प्रदेश नेतृत्व की ओर से देहात भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर गुणवंतसिंह झाला का मनोनयन और बाद में पार्टी जिलाध्यक्ष की बगैर सहमति के देहात भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद पर महेंद्र औदिच्य के नाम की घोषणा से खुदी खाई पटने का नाम नहीं ले रही। देहात मोर्चा की गतिविधियों में जिलाध्यक्ष औदिच्य के तौर पर गृहमंत्री की दखल को देहात भाजपा पचा नहीं पा रही, जबकि मोर्चा जिलाध्यक्ष औदिच्य के फैसलों की पार्टी जिलाध्यक्ष के स्तर पर अनदेखी संगठन में बिखराव आ रहा है। इन परिस्थितियों में पार्टी जिलाध्यक्ष की नाराजगी ‘नव मतदाता जोड़ो अभियान’ से पहले मोर्चा जिलाध्यक्ष औदिच्य के लिए ‘कांटों भरा ताज’ बनती जा रही है। प्रदेश मोर्चा की ओर से दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के स्थानीय स्तर पर भले ही दावे किए जा रहे हैं, लेकिन देहात मोर्चा प्रभारी के दायित्व नहीं बदलने के फैसले पर प्रदेशाध्यक्ष की सहमति ने औदिच्य के समर्थक कार्यकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।


8 मंडलों का विवाद
भाजपा देहात में वैचारिक मतभेद और जिलाध्यक्षों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से पार्टी के वरिष्ठ नेता चिंतित हैं। दोनों जिलाध्यक्षों के पैतृक गांव झाड़ोल में पिछले विधानसभा चुनाव में सीट खो चुकी भाजपा के लिए यह लड़ाई चुनौती बन गई है। झाड़ोल और सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र के 8 मंडलों में मोर्चा कार्यकारिणी को लेकर दोनों जिलाध्यक्षों के बीच विवाद बना हुआ है। इन 8 मंडलों में भाजपा और मोर्चा के जिलाध्यक्ष की ओर से मोर्चा के नाम पर अलग-अलग कार्यकारिणी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सक्रिय हैं। कुल 34 मंडलों वाली देहात भाजपा में अब तक वल्लभनगर मंडल के तीन प्रस्तावित मंडल गठन को लेकर जारी प्रक्रिया भी विवादों में पड़ गई है।

नहीं कर सकता नाराज
पार्टी का मूल आधार मंडल है। मंडल अध्यक्षों को नाराज कर मोर्चा जिलाध्यक्ष की कार्यकारिणी पर मैं सहमति नहीं दे सकता। जिलाध्यक्ष की नाराजगी से लेकर मंडल कार्यकर्ताओं के आक्रोश के बारे में प्रदेश नेतृत्व को कई बार बता भी चुका हूं।
गुणवंतसिंह झाला, जिलाध्यक्ष, भाजपा देहात
हमेशा से चुनौती
पहले भी प्रदेश से मिले दायित्वों को पूरा करने में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी। मतदाता अभियान को भी सकुशल लक्ष्य के साथ पूरा करेंगे। केवल ८ मंडलों में विवाद है। प्रदेशाध्यक्ष की बैठक में भी मैंने जिलाध्यक्ष झाला को फोन किया था। उन्होंने फोन उठाया ही नहीं। इसका मैं क्या करूं।
महेंद्र औदिच्य, जिलाध्यक्ष, भाजयुमो देहात

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Published on:
02 Jan 2018 04:42 pm
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