उदयपुर . प्रदेश सरकार के विभाग ही अवैध बजरी खनन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
सरकारी विभागों की देखरेख में जारी निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेका एजेंसी को नियमित बजरी की सप्लाई मिल रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अवैध बजरी दोहन के मामले में मौन साधे हुए हैं। गत एक वर्ष से अधिक समय से अदालती स्थगन के बावजूद सरकारी महकमों में निर्माण कैसे जारी है।
सरकारी कार्यों पर बेरोक-टोक आपूर्ति
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित एमबी हॉस्पिटल परिसर में बीते एक साल से सुपर स्पेशलिटी विंग का बेरोक-टोक निर्माण हो रहा है। चेतक सर्किल क्षेत्र में सीनियर रेजिडेंट हॉस्टल में निर्माण, एवीवीएनएल मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में भवन, राजस्थान राज्य रोड डवलपमेंट कार्पोरेशन के सीसी सडक़ निर्माण कार्य एवं गौरव पथ के निर्माण में बजरी की आपूर्ति बदस्तूर जारी है मगर खान विभाग एवं प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
लगातार निविदाएं और समय की पाबंदी
देश की शीर्ष अदालत के साथ हाइकोर्ट अवैध बजरी खनन को लेकर सख्त है। इसके बावजूद सरकार की ओर से निर्माण कार्यों को लेकर बेरोकटोक निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। इतना ही नहीं निविदा शर्तों में भी निर्माण की अवधि तय हो रही है। ऐसे में तय समय में सडक़, इमारत एवं अन्य निर्माण को लेकर महकमों को संवेदक के भरोसे रहना पड़ता है, जबकि प्रशासनिक दबाव में संवेदकों को बजरी खनन से जुड़े अवैध धंधों में लिप्त लोगों के।
जारी है निर्माण
एमबी हॉस्पिटल परिसर में ओपीडी भवन सहित सीनियर रेजीडेंट छात्रावास का निर्माण जारी है। संवेदक के स्तर पर बजरी कहां से लाई जा रही है, इस बारे में जानकारी नहीं है। समय सीमा में निर्माण पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है।
डी.पी. माथुर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी शहर खण्ड