
भटेवर . प्रत्यक्ष को सबूत की आवश्यकता नहीं होती है, उसको अनदेखा कर कानून के दांव पेच में उलझाना धर्म और परमात्मा की हत्या करने के समान है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने दीक्षार्थी तुषार चोरडिय़ा के दीक्षा समारोह के उपलक्ष्य में प्रवचन सभा में व्यक्त किए। उन्होंने हैदराबाद में सामूहिक दुष्कर्म और जिंदा जलाने की घटना पर आक्रोश जताते हुए कहा कि देश में सऊदी अरब जैसे सख्त कानून बनाना चाहिए तत्काल अपरोधियों को कड़ी सजा मिल सके। 6 दिसंबर को प्रस्तावित दीक्षा को लेकर महासती शांता कंवर, महासती चेतना, महासती पारस कंवर, महासती कंचन कंवर ससंघ का रविवार को वल्लभनगर में मंगल प्रवेश हुआ। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, सुरेखा चेरिटेबल ट्रस्ट, बालिका मंडल एवं महिला मंडल ने उनका अभिनंदन किया।
मावली (निप्र). कस्बे में रविवार को जैन समाज के श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि ससंघ मुनियों एवं साध्वियों ने मंगल प्रवेश किया। समाज के गौरव गोखरू ने बताया कि पलाना कलां से श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि आदि ठाणा 3, साध्वी रवि रश्मि आदि ठाणा 4, साध्वी कमलप्रभा आदि ठाणा 4 विहार करते हुए सुबह कस्बे के सदर बाजार स्थित जैन स्थानक में मंगल प्रवेश किया। समाजजनों ने उदयपुर रोड पर स्थित गोशाला पर मुनि की अगवानी की, जहां से समाजजनों ने शोभायात्रा निकाली।
फलासिया . दिगंबर जैन समाज की राष्ट्र संत आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी ने कन्याकुमारी से सम्मेद शिखर तक की 61260 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए रविवार को फलासिया के रास्ते राजस्थान में प्रवेश किया, जहां सैकड़ों श्रावकों ने पलक पावड़े बिछाकर ढोल- नगाड़ों के साथ उनका भावभीना स्वागत किया।
सुप्रकाश ज्योति मंच के राष्ट्रीय संयोजक ओमप्रकाश गोदावत ने बताया कि आर्यिका शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण करते हुए पद्मप्रभु दिंगबर जैन मंदिर पहुंची, जहां उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को आशीर्वचन दिया।