उदयपुर

जिनालय की ओर बढ़े जैनियां के कदम

जैन संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए जैन सोशल ग्रुप स्वस्तिक का आयोजन
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Nov 14, 2019
जिनालय की ओर बढ़े जैनियां के कदम
जिनालय की ओर बढ़े जैनियां के कदम

उदयपुर . जैन सोशल ग्रुप स्वस्तिक की ओर से शहर एवं इसके आस पास के विभिन्न भव्य प्राचीन जैन मंदिरों की देव दर्शन की यात्रा कई चरणों में कराई जाने की परिकल्पना के तहत ऋषभदेव स्थित केसरियाजी तीर्थ एवं अन्य मंदिरों की यात्रा सम्पन्न की गई।
जैन सोशल ग्रुप स्वस्तिक के अध्यक्ष धीरज छाजेड़ ने बताया कि ग्रुप की भावना-परिकल्पना है कि हम अपने जैन परिवार के समस्त सदस्यों यथा पति-पत्नी, भाई-बहिन, माता-पिता एवं बच्चों समेत इन मंदिरों की यात्रा विभिन्न चरणों में पूर्ण करें एवं उसके इतिहास, पौराणिक महत्व, प्रतीक चिन्ह एवं भव्यता के बारे में जाने और समझे। ग्रुप की इच्छा है कि नई युवा पीढ़ी जैन समाज की वर्तमान पीढ़ी की साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले एवं बाहर से आकर बसे जैन परिवार इसके महत्व को सीखें। मंदिरों में जाने एवं प्रभु के दर्शन मात्र से ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह अपने आप होता हैं, व्यक्ति इसके द्वारा सफलता के सोपान चढ़ सकता है।
स्वस्तिक ग्रुप के मीडिया प्रभारी संजय धाकड़ ने बताया कि ग्रुप ने तृतीय चरण में केसरियाजी परिक्षेत्र में स्थित विभिन्न भव्य एवं निर्माणाधीन जैन मंदिरों के दर्शन एवं उनकी पौराणिक जानकारियों के साथ सम्पन्न की। प्रत्येक मंदिर में स्थित मूर्तियों का अपना चमत्कारिक इतिहास रहा है। पूजा के तौर तरीकों को उपस्थित दर्शनार्थियों को समझाया गया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक राकेश बापना ने बताया कि यात्रा के दौरान अन्य नागरिकों ने भी इस मन्दिर दर्शन की परिकल्पना की इस भौतिकतावादी युग में इस प्रकार के आयोजन की बहुत प्रशंसा की एवं अचरज से इस प्रकार की यात्रा को देखकर भाव विभोर हो गए। सभी धर्मप्रेमी बंधुओं को सोम कागदर बांध तक की भी यात्रा कराई गई एवं उसके निर्माण संबंधित जानकारियां दी गयी। इस अवसर पर सचिव सुनील गांग, शिव कुमार बापना, गजेंद्र भंसाली, रोशन लाल डांगी, गणेश लाल वया, वीरेंद्र कावडिय़ा, सुरेश मेहता, गौरव सुराणा का विशेष सहयोग रहा।

Published on:
14 Nov 2019 01:30 am