
उदयपुर. सरकारी विभाग सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं के प्रचार-प्रसार में कितने गंभीर है, इसकी बानगी यहां दिख रही है। जिले में दो हजार लोग कुष्ठ रोग मुक्त हो चुके हैं लेकिन पेंशन का लाभ 695 लोगों को ही मिल रहा है।बता दें कि कुष्ठ रोग मुक्त विशेष योग्यजन को राज्य सरकार की ओर से 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाती है, लेकिन जिले में कुष्ठ रोग से मुक्त हुए अधिकांश लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जागरूकता के अभाव में इस योजना को ही कुष्ठ रोग हो गया है। वहीं आदिवासी अंचल में कई गरीब तबके के पात्र लोग जानकारी के अभाव में इस योजना से वंचित है। जिले में कुष्ठ रोग से मुक्त लोगों की संख्या 2 हजार से ज्यादा है लेकिन अभी केवल 695 कुष्ठ लोग ही पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। उदयपुर संभाग मुख्यालय पर अभी 120 कुष्ठ रोगियों का उपचार चल रहा है।
इन्हें मिलता है लाभ
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत कुष्ठ रोग का पूरा उपचार लेने वाले और कुष्ठ रोग से मुक्त महिला, पुरुष और बच्चों को कुष्ठ रोग मुक्त प्रमाण पत्र के बाद पेंशन मिलती है। जिला कुष्ठ नियंत्रण इकाई के पास मरीज की डिटेल बुकलेट होती थी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से पेंशन पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में विकास अधिकारी जबकि शहरी क्षेत्र में उपखण्ड अधिकारी पेंशन स्वीकृति के लिए अधिकृत है।
6 से 9 माह चलता उपचार
कुष्ठरोग की दो कैटेगरी है, जिसमें पॉसी-बेसिलरी के तहत रोगी के शरीर पर सुन्न एक से पांच चकते यानी धब्बे होते हैं। ये मरीज छह माह के उपचार से ठीक हो जाते हैं। वहीं जिस कुष्ठ रोगी के शरीर पर सुन्न पांच से अधिक चकते यानी धब्बे होते हैं उसका उपचार नौ माह चलता है। उसे मल्टी बेसिलरी कैटेगरी में रखा गया है।
जिले में यह है हकीकत...
कुल कुष्ठ रोग मुक्त कुष्ठ रोग मुक्त पेंशनर्स इलाजरत
2 हजार से अधिक 695 120 से अधिक
61 प्रतिशत रोगी आरएफटी घोषित
कुष्ठ रोग का पूरा उपचार कराने वाले मरीज को कुष्ठ रोग मुक्त प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र से ही उसे मासिक पेंशन देने का प्रावधान है। एमबी अस्पताल में इस साल 61 प्रतिशत रोगियों को आरएफटी घोषित किया गया।
राघवेन्द्र राय, डिप्टी सीएमएचओ, उदयपुर
ऑनलाइन आवेदन करने पर कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्ति पेंशन का लाभ उठा सकता हैं। इसके लिए महत्वपूर्ण शर्त है कि आवेदक किसी भी राजकीय उपक्रम का पेंशनर नहीं हो
मान्धातासिंह, उपनिदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग