Luteri dulhan : सलूम्बर थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार
Luteri dulhan :सलूम्बर थाना पुलिस ने फर्जी दुल्हन बनकर फरार होने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
जिला पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने वांछित फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मुकेश सांखला और सलुम्बर वृताधिकारी सुधा पालावत के सुपरविजन में थानाधिकारी हनवन्त सिंह सोढा की टीम ने कार्रवाई की। छह माह पहले रंदेला निवासी दुर्जान सिंह की फर्जी शादी कर फरार होनी वाली दुल्हन संगीता उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान गठित टीम ने पहले गिरोह के पांच सदस्य बैरछा दातार कालापीपला शाजापुर मध्यप्रदेश निवासी रजनी पत्नी गुलाबसिंह, घाटमपुरा रायसेन हाल खेड़ा रोड आन्नदनगर (पीपलानी) भोपाल मध्यप्रदेश निवासी रेखा पत्नी शिवलाल उर्फ शिब्बू, बैरछा दातार कालापीपला शाजापुर मध्यप्रदेश हाल कुम्हार मोहल्ला शिल निकेतन विद्यालय के पास बैरागढ़ हुजुर भोपाल मध्यप्रदेश निवासी गुलाब सिंह पुत्र गंगाराम और दलाल सनसिटी करगेटा सलूम्बर निवासी हेमराज सिंह पुत्र मनोहर सिंह, बड़ावली सेमारी हाल डाल चौराहा सलूम्बर उदयपुर निवासी विष्णु पुत्र शिवराम को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार महिलाओं में से रेखा फर्जी दुल्हन संगीता की मां बनी हुई थी और रजनी संगीता की फर्जी भाभी बनी हुई थी। महिलाओं और दलालों को अनुसंधान के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
प्रकरण के मुख्य सरगना गुलाबसिंह पुत्र गंगाराम ने पूछताछ में फर्जी दुल्हन खण्डवा मध्यप्रदेश हाल भोपाल निवासी संगीता का असली नाम सोनू यादव का होना बताया। टीम तलाश करते हुए भोपाल पहुंची, जहां टीम को गुप्त तंत्र से सूचना प्राप्त हुई कि संगीता ने रानीखेड़ा, निम्बाहेड़ा, चित्तौडग़ढ़ में चार-पांच माह पहले रूपलाल राठौड़ तेली नामक लड़के से दलाल गुलाब सिंह व सहयोगियों की ओर से शादी कराई है। जिस पर टीम सदस्य रानीखेड़ा निम्बाहेड़ा, चितौडग़ढ़ पहुंचे। फर्जी दुल्हन संगीता उर्फ सोनू यादव को गिरफ्तार किया गया।
फर्जी दुल्हन ने बताई कहानी
संगीता यादव ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसकी शादी 10 साल पहले शिखारपुर राहधगढ़ सागर मध्यप्रदेश निवासी अरविन्द यादव पुत्र हुकमसिंह यादव के साथ करवाई थी। शादी के चार-पांच साल बाद उसके एक लड़की हुई, जो अभी छ: साल की है। उसकी लड़की की उम्र एक साल की हुई तभी उसके पति की कैंसर से मौत हो गई। पति की मौत के बाद एक साल तक वह ससुराल शिखारपुर रही। इसके बाद माता-पिता के घर खण्डवा हाल बागसेवनिया भोपाल मध्यप्रदेश रहकर मजदुरी करती थी। उसकी मुलाकात गिरोह के सरगना गुलाबसिंह उर्फ राजकुमार से कंकाली मंदिर रायसेन में हुई। जहां पर गुलाबसिंह ने पूछा कि तुम्हें मजदूरी में कितने पैसे मिलते हैं। तुम मेरे साथ काम करो मैं तुम्हे ज्यादा पैसे दूंगा। फिर उसने गुलाबसिंह से पूछा कि क्या काम है तो उसने बताया कि एक बार शादी करने पर आठ-दस दिन उस लड़के के साथ रहकर वापस आ जाना है। शादी में जो पैसे मिलेंगे उसमें से 40-50 हजार रुपए दूंगा। ऐसे में वह फर्जी शादी करने को तैयार हो गई।