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Udaipur News: जमीन के सौदों से भरी यूडीए की तिजोरी, अब 1020 करोड़ से बदलेगा शहर का नक्शा

Udaipur News: उदयपुर शहर के फैलते दायरे और जमीन-भूखंडों की बढ़ती मांग ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की तिजोरी भर दी।

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Good News for Udaipur Residents Thokar Choraha Set for Makeover Traffic Congestion Relief Expected

Udaipur Thokar Choraha

राजस्थान के उदयपुर शहर के तेजी से फैलते दायरे और जमीन-भूखंडों की बढ़ती मांग ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की तिजोरी भर दी। एक साल में जमीन, भवन और भूखंडों की बिक्री से प्राधिकरण की आय में जबरदस्त उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यूडीए की आय 379.66 करोड़ रुपए थी, जो 2025-26 में बढ़कर 687.73 करोड़ रुपए पहुंच गई।

एक साल में करीब 81 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है। इस मजबूत आय के आधार पर यूडीए ने अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहर के विकास का बड़ा खाका तैयार किया है। प्राधिकरण ने 639.49 करोड़ रुपए आय और करीब 1020.03 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान तय किया है।

इस राशि से शहर में नई आवासीय योजनाएं, सड़क नेटवर्क, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं का बड़ा विस्तार किया जाएगा। शहर विस्तार के साथ ही प्राधिकरण ने पेराफेरी क्षेत्र में 236 नए गांवों को शामिल किया है, जिससे आने वाले वर्षों में इन गांवों भी तेजी से विकास होगा।

जमीन और भूखंडों की बिक्री से यूडीए हुई मालामाल

यूडीए की आय बढ़ने का सबसे बड़ा कारण शहर के नए क्षेत्रों में जमीन और भूखंडों की बढ़ती मांग रही। पिछले साल प्राधिकरण को विभिन्न मदों से यह आय प्राप्त हुई इनमें प्रमुख-

  • भूमि, भवन व भूखंड विक्रय से- 343.76 करोड़
  • भूमि नियमन शुल्क व अन्य प्राप्तियां- 123.80 करोड़
  • आवासीय योजनाओं से आय - 174.45 करोड़अन्य आय (ब्याज, प्लान अनुमोदन, नामांतरण आदि)- 43.34 करोड़

इन स्रोतों से प्राप्त राशि ने यूडीए की आय को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है।

इन क्षेत्रों में भूखंडों की सबसे ज्यादा मांग

शहर के विस्तार वाले क्षेत्रों में यूडीए की ओर से विकसित कॉलोनियों और व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी में ऊंची बोलियां लगी। खासकर शहर के बाहरी क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक प्लॉटों की मांग तेजी से बढ़ी है।

इनमें से भुवाणा और आसपास विकसित हो रही नई कॉलोनियां,गोवर्धन विलास और देबारी क्षेत्र, प्रतापनगर और एयरपोर्ट रोड क्षेत्र, बलीचा और शहर के बाहरी विकसित सेक्टर शामिल है। इसके अलावा प्रमुख सड़कों पर व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी से आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों से प्राधिकरण को अच्छी आय प्राप्त हुई।

पेराफेरी में 236 गांवों में भी होगा अब विकास

शहर की बढ़ती आबादी और विस्तार को देखते हुए यूडीए ने अपने पेराफेरी क्षेत्र में 236 नए गांवों को शामिल किया है। इससे प्राधिकरण का प्रभाव क्षेत्र काफी बढ़ गया है। इन गांवों के शामिल होने से आने वाले समय में नई आवासीय योजनाएं विकसित होंगी,औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र तैयार किए जाएंगे,अव्यवस्थित कॉलोनियों पर नियंत्रण होगा, गांवों में पूरी तरह से नियोजित विकास होगा।

1020 करोड़ से बदलेगा शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर

अगले वित्तीय वर्ष में यूडीए करीब 1020 करोड़ रुपए विभिन्न विकास परियोजनाओं पर खर्च करने की तैयारी में है। इसके लिए प्रस्तावित योजनाओं में नई आवासीय योजनाओं का विकास हेागा। शहर और बाहरी क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का विस्तार बढ़ेगा। व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और बाजार क्षेत्र का निर्माण होगा। पार्क, सामुदायिक भवन और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास की भी योजनाएं बनाई है।

यूं बढ़ी यूडीए की आय

  • शहर में नई कॉलोनियों और भूखंडों की बढ़ती मांग
  • व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी में ऊंची बोलियां
  • भूमि नियमन और बिल्डिंग प्लान शुल्क से आय
  • शहर के विस्तार के साथ नए क्षेत्रों का विकास
  • पेराफेरी में नए गांव जुड़ने से भविष्य की योजनाओं की संभावनाएं

शहर का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई आवासीय योजनाओं, सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए बजट तैयार किया गया है। पेराफेरी क्षेत्र में गांवों को शामिल करने से आने वाले समय में उदयपुर का विकास और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। हमारा लक्ष्य है कि शहर में विकास के साथ ही बाहरी क्षेत्रों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलें।

- हेमेन्द्र नागर, सचिव यूडीए