
चिड़ावा.आरोपी हिस्ट्रीशीटर का उपचार करते स्वास्थ्यकर्मी।
Jhunjhunu News: चिड़ावा कस्बे में सोना खरीदने आए गुजरात के व्यापारी को जाल में फंसाकर पहले 6.78 लाख रुपए ठगे, फिर बंधक बनाकर 37 हजार रुपए लूट लिए। आरोपियों ने वारदात को फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में सुलताना थाने के हिस्ट्रीशीटर रजनीश डारा और उसके साथी नितेश मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार है।
पुलिस के अनुसार सूरत (गुजरात) के उमोली निवासी मेहुल पुत्र देवराज सोशल मीडिया के माध्यम से सोना खरीदने का काम करता है। उसकी पोस्ट देखकर किशोरपुरा निवासी व सुलताना थाने के हिस्ट्रीशीटर रजनीश डारा ने उससे संपर्क किया।आरोपी के बुलाने पर मेहुल अपने दो साथियों के साथ बुधवार को चिड़ावा पहुंचा।
यहां आरोपी ने गोल्ड लोन चुकाने के नाम पर अपने खाते में 6.78 लाख रुपए आरटीजीएस करवा लिए और बाद में चेक लाने के बहाने उसे अपने गांव ले गया। वहां मेहुल को बंधक बनाकर 37 हजार रुपए फोन-पे के जरिए ट्रांसफर करवा लिए गए।
इसके बाद आरोपियों ने मेहुल को एक कैंपर गाड़ी में डालकर ढिगाल के पास पटक दिया। किसी तरह वह वापस चिड़ावा पहुंचा और अगले दिन थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक में खाते सीज करवाने और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए।
पीड़ित के साथ पुलिस जिस बैंक में गई थी, वहीं पर आरोपी भी आए हुए थे। पुलिस को देख उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने लोगों की मदद से हिस्ट्रीशीटर रजनीश डारा और उसके एक साथी को दबोच लिया। जबकि एक आरोपी फरार हो गया।
पुलिस टीम पीडि़त को साथ लेकर संबंधित बैंक में जांच के लिए पिलानी रोड पर पहुंची। जहां सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे थे। इस बीच आरोपी रजनीश और उसके दो साथी उसी बैंक में आ गए। उन्हें पीडि़त मेहुल ने पहचान लिया। पुलिस को देख आरोपी वहां से भागने लगे।
आरोपी रजनीश डारा दीवार फांदकर एक घर में घुस गया और चारपाई के नीचे छिप गया। लेकिन मकान मालकिन ने देख लिया, इस पर वह वहां से निकल कर पास के निजी अस्पताल में घुस गया। वहां उसका एक साथी पहले से ही मौजूद था।
कुछ देर अस्पताल में रुकने के बाद दोनों बाहर की तरफ भागे तो हिस्ट्रीशीटर रजनीश डारा अस्पताल के गेट पर बाइक की चपेट में आ गया। इस दौरान दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया।
इस बीच एक आरोपी फरार होने में कामयाब हो गया। हिस्ट्रीशीटर रजनीश डारा के चोट लगने पर सरकारी अस्पताल ले जाया गया। रजनीश के खिलाफ अलग-अलग थानों में 12 से ज्यादा प्रकरण दर्ज हैं।
पीड़ित मेहुल ने बताया कि आरोपी रजनीश डारा ने खुद के पास 60 ग्राम सोना बताया और दस्तावेज भी भेजे। करीब सात लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद बुधवार को जब वह अपने दोस्त राहुल और मयूर के साथ चिड़ावा पहुंचा तो रजनीश ने बताया कि उसने सोने पर गोल्ड लोन ले रखा है। इसके लिए 6 लाख 78 हजार रुपए जमा करवाने होंगे।
मेहुल ने बताया कि रजनीश के कहने पर उसने उसके बताए खाते में 6 लाख 78 हजार रुपए आरटीजीएस कर दिए। इसके बाद रजनीश ने कहा कि वह चेक घर पर भूल गया है, इसलिए मेरे साथ किशोरपुरा चलना होगा। इस पर वह अपने दोस्तों को चिड़ावा छोड़कर रजनीश के साथ किशोरपुरा के लिए रवाना हो गया। जहां किसी खंडरनुमा जगह पर ले जाया गया। वहां पर रजनीश ने कहा कि दो मिनट में वापस आ रहा हूं और वह से चला गया। उस जगह पर पांच जने बैठे थे।
काफी देर तक रजनीश वापस नहीं लौटा तो फोन करने की कोशिश की। लेकिन पास में बैठे हथियारबंद युवकों ने मोबाइल छीन लिया और धमकी देते हुए अलग-अलग खातों में 37 हजार रुपए फोन-पे करवा लिए। कुछ देर बाद मुझे बिना नंबर की कैंपर गाड़ी में डाल लिया गया।
आरोपी मुझे अलग-अलग जगहों से ले जाते हुए किसी हाईवे पर टोल के पास पटक गए। बाद में मैंने खुद को संभाला, किसी राहगीर से उस जगह के बारे में पूछा तो ढिगाल गांव होना बताया। वहां से वापस चिड़ावा में अपने दोस्तों के पास पहुंचा और सुबह थाने में जाकर रिपोर्ट दी।
Updated on:
10 Apr 2026 11:36 am
Published on:
10 Apr 2026 11:34 am
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