उदयपुर

जय हो सरकार.. चुनाव आए तो याद आया मंदिरों का मास्टर प्लान, तीन वर्ष पूर्व बजट में की थी घोषणा

देवस्थलों के विकास के लिए मास्टर प्लान के तहत जारी हुई राशि...

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Jan 06, 2018

मुकेश हिंगड़/उदयपुर . प्रदेश के धार्मिक स्थलों का मास्टर प्लान के तहत जीर्णोद्धार करने और देवालयों का व्यवस्थित विकास करने के लिए तीन वर्ष पूर्व बजट में घोषणा की गई थी, लेकिन इन कार्यों को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार ने हाल ही तिजोरी खोली है। चुनावी वर्ष होने से अब जाकर सरकार को देवालयों की याद आई है। प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2015 के बजट में मास्टर प्लान के तहत प्रदेश के प्रमुख देवस्थानों के विकास की घोषणा की गई थी। वर्ष 2016 के बजट में भी इसी घोषणा को पुन: जोड़ा गया, लेकिन वर्ष 2018 में सरकार को मंदिरों की याद आई। प्रदेश के ग्यारह प्रमुख धार्मिक स्थलों के जिर्णोद्धार के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए की राशि की स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही कार्यादेश भी जारी कर दिए हैं। चुनावी वर्ष में सरकार इन देवालयों का जीर्णोद्धार शुरू करवाकर वोट बटोरना चाह रही है। दूसरी ओर, देवालयों, तीर्थस्थलों के विकास की योजना के तहत 438 करोड़ रुपए के प्रस्ताव केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय को भिजवाए हैं।


इन मंदिरों में भी हो रहा विकास: गोगाजी (गोगामेड़ी) के सर्वांगीण विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके प्रथम चरण में 18.95 करोड़ की स्वीकृति जारी कर कार्य शुरू किया गया है। इसी प्रकार राज्य के प्रत्यक्ष प्रभार मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं अन्य विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ की स्वीकृति दी गई। इनमें से अधिकांश कार्य प्रगति पर हैं। इसी प्रकार भरतपुर के गंगामंदिर के लिए 10.10 करोड़, लक्ष्मण नारायण मंदिर ? के लिए 1.21 करोड़ तथा बिहारीजी मंदिर के विकास के लिए 1.82 करोड़ की स्वीकृति भी जारी की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के 96 मंदिरों में 2080 करोड़ के विकास कार्य कराए गए हैं।


केवल 24.90 करोड़ दिए

राज्य में ग्यारह प्रमुख बड़े धर्मस्थलों यथा खाटूश्याम मंदिर, डिग्गी कल्याणजी मंदिर मालपुरा (टोंक), मातृकुण्डिया (चित्तौडग़ढ़), मेहन्दीपुर बालाजी (दौसा), बेणेश्वर धाम (डूंगरपुर), पुष्करराज एवं बूढ़ा पुष्कर (अजमेर), रूप नारायण (सेवंत्री), चारभुजा मंदिर (राजसमंद), चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर), सालासर एवं रामदेवरा आदि स्थलों पर सुनियोजित विकास एवं यात्री सुविधाएं विकसित करने को लेकर मास्टर प्लान तैयार करवाया गया है। इनमें से प्रथम चरण में खाटूश्याम मंदिर, डिग्गी मालपुरा, मेहन्दीपुर बालाजी, बेणेश्वर धाम, पुष्करराज एवं बूढ़ा पुष्कर के लिए 24.90 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।

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Published on:
06 Jan 2018 03:20 pm
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