उदयपुर

बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए विदेश भेजा, आठ साल बाद आई उसकी मौत की खबर

समीपवर्ती गांव रेहटा (थाणा) के एमबीबीएस छात्र की जॉर्जिया में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मौत के एक सप्ताह बाद शव गांव रेहटा लाया जा सका। युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
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Updated: 3 May 2023, 3:27 PM IST
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नयागांव (उदयपुर)। समीपवर्ती गांव रेहटा (थाणा) के एमबीबीएस छात्र की जॉर्जिया में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मौत के एक सप्ताह बाद शव गांव रेहटा लाया जा सका। युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

जानकारी के अनुसार रेहटा निवासी विशाल (27) पुत्र बंशीलाल पटेल की मौत हो गई। गत 25 अप्रेल को विशाल की मौत की सूचना मिलने पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक मई को एयर कार्गो से शव टिबीलसी जॉर्जिया से रवाना हुआ, जो मंगलवार को अहमदाबाद एयपोर्ट पहुंचा। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में मंगलवार शव को अंतिम संस्कार किया गया।

डिग्री के बाद भी आई रुकावटें
विशाल एमबीबीएस करने के लिए 2014 में जॉर्जिया गया था। टीएमए युनिवर्सिटी जॉर्जिया से डिग्री करने के बीच कोरोना काल के चलते विशाल को वहीं रुकना पड़ा। 25 दिसम्बर 2020 को डिग्री पूरी हुई तो विशाल ने भारत लौटने के प्रयास किए, लेकिन जॉर्जिया की एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने स्वीकृति नहीं दी। आखिर जॉर्जिया के प्रधानमंत्री की सिफारिश के बाद विशाल को भारत आने की स्वीकृति मिली। लेकिन इसके बावजूद वह भारत नहीं लौट पाया।

शव लाने में करनी पड़ी मशक्कत
इकलौते बेटे की मौत की सूचना पर परिवार हताश हो गया। पिता बंशीलाल ने बेटे का शव भारत लाने के प्रयास किए, लेकिन पासपोर्ट नहीं मिला। डुप्लीकेट पासपोर्ट बना तब प्रक्रिया बढ़ी। आरमेनिया स्थित इंडियन एम्बेसी से संपर्क किया तो शव भारत पहुंचाने का खर्चा परिजनों को वहन करने की बात कही। इस पर पिता ने प्राइवेट कार्गो कम्पनी को राशि भिजवाई, तब शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

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3 May 2023, 3:27 PM IST
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