
उदयपुर/सलूम्बर/सराड़ा/सेमारी. चर्चित रमेश पटेल हत्याकांड में सोशल मीडिया पर सलूम्बर salumber व सेमारी Semari बंद की अफवाह पर दिनभर कस्बे में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। जिला कलक्टर आनंदी udaipur collector anandi व एसपी कैलाशचन्द्र विश्नोई ने सेमारी क्षेत्र में दौरा कर मोतबिरों व ग्रामीणों से अफवाह पर ध्यान नहीं देकर शांति बहाली की अपील की। इधर, पुलिस ने हत्या में गिरफ्तार आरोपी रमेश मीणा व पारस मीणा से पूछताछ के बाद मृत युवक का मोबाइल जामुड़ा गांव में ज्योतिया तालाब में बरामद किया। आपदा प्रबंधन की टीम disaster management Team ने करीब दो घंटे की मशक्कत कर डुबकियां लगाते हुए मोबाइल निकाला।
सोशल मीडिया पर सलूम्बर व सेमारी के बंद की सूचना पर जिला कलक्टर आनंदी व एसपी ने सलूम्बर के नगर एवं पटेल बाहुल्य क्षेत्र देवगांव का भी दौरा किया। कलक्टर ने क्षेत्र के पटेल समाज के मोतबिर एवं समाज सेवकों से वार्तालाप की तथा धैर्य एवं शांति की अपील की। सलूम्बर में तहसील क्षेत्र के दो गांव के विभिन्न समाजजनों ने तहसीलदार को ज्ञापन दिया। वहीं सेमारी में डेयरी चेयरमेन गीता पटेल के नेतृत्व में समाजजन ने एसपी कलक्टर से मुलाकात कर निर्दोष लोगों को छोडऩे व मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
पीलादर, झरियाना एवं अमरपुरा में शांति
पथराव, तोडफ़ोड़ व आगजनी की घटना के बाद पीलादर, झरियाना एवं अमरपुरा गांव में पूरी तरह से शांति रही। सभी जगह भारी पुलिस बल तैनात रहा है। सेमारी तहसील मुख्यालय पर दर्जनभर ग्रामीणों की ओर से बाजार बंद करवाकर रैली निकाली। सोशल मीडिया पर सूचना प्रसारित होने पर एएसपी दशरथ सिंह, एएसपी मुख्यालय अनंत कुमार, पांच थानों का जाप्ता, मानव तस्करी विरोधी यूनिट के श्याम सिंह व आरसी बटालियन तैनात दिनभर वहीं तैनात रही। पुलिस की मौजूदगी से कस्बे के बाजार दिनभर खुले रहे और पूरी तरह से शांति रही। इंटरनेट सेवा बंद होने से लोग काफी परेशान रहे।
तालाब में मिला मोबाइल
पुलिस ने बताया कि आरोपी रमेश मीणा ने रमेश पटेल की हत्या के बाद उसका मोबाइल सहयोगी पारस मीणा को दे दिया था। पारस ने जामुड़ा गांव में ही अपने मकान के पिछवाड़े स्थित ज्योतिया तालाब में मोबाइल को फेंक दिया। पूछताछ में सामने अपने पर पुलिस टीम वहां पहुंची तो तालाब पानी से लबालब था। पुलिस ने मोबाइल बरामदगी के लिए उदयपुर से आपदा प्रबंधन की टीम को बुलाया। टीम ने मौके पर ही आरोपी से डेमो करवाते हुए उसे मोबाइल फेंकने की स्टाइल से पत्थर फिकवाएं। आरोपी द्वारा फेंके गए पत्थर वाले स्थान पर गोताखोरों ने डुबकियां लगाते हुए करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मोबाइल बरामद किया। इससे पूर्व पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तलवार को जंगल से बरामद की थी।