उदयपुर

मोहर्रम पर नहीं निकला ताजियों का जुलूस, घर में रहकर ही इबादत

मुस्लिम समाज ने कोविड गाइडलाइंस की पालना करते हुए मनाया यौमे आशूरा
2 min read
• •
Updated: 21 Aug 2021, 11:49 PM IST
muharram_1.jpg
muharram

उदयपुर. पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 जानिसारों की कर्बला में शहादत पर मुस्लिम समाज ने शुक्रवार को यौमे आशूरा मनाया। कोविड गाइड लाइन की पालना में इस बार भी ताजियों का जुलूस नहीं निकाला गया। पलटन मस्जिद, धोली बावड़ी मस्जिद, अलीपुरा मस्जिद में मोहर्रम की जियारत कर अपनी मन्नत पूरी की गई। 2 बजे बाद सभी ताजियों पर सांकेतिक पानी का छींटा लगाकर वापस इमामबाड़े में रखा गया।

वहीं, जुमे की नमाज के सभी ने अपने घर में पढ़ी। इमाम हुसैन की याद में पुलाव, खीर, शरबत आदि पर फातिहा लगाकर आस पड़ोस में वितरण किया। शाम के समय सभी ने रोजा खोल कर नमाज अदा की। इस मौके पर प्रशासन व समाज ने कोविड-19 चलते हुए ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं होने दी।

सलामी की रस्म भी नहीं
मेवाड़ रियासत में मेवाफरोशान व नायकों के बीच भाईचारा व मुहब्बत को बढ़ावा देने के लिए बरसों पहले शुरू की गई सलामी की रस्म इस साल भी नहीं हुई। प्रतिवर्ष मेवाफरोशान के ताजिये व नायकों की छड़ी की कमल गली में सलामी की रस्म होती है। इस रस्म को देखने हजारों का हुजूम उमड़ता है।


घर पर ही बनाए इको फ्रें डली ताजिए

कोरोना के चलते जुलूस पर पाबंदी लगी हुई है, इसी को देखते हुऐ बड़े व छोटे बच्चों ने घरों में ही इबादत की और छोटे बच्चों द्वारा घरों में ही रहकर इको फ्रें डली छोटे ताजिए बनाए। जिनको गुलाब जल के छींटे देकर घरों में ही रस्म अदा की गई। मुदस्सर हुसैन, खुशनूर खान, मोहम्मद अरमान, मोहम्मद अकरम आदि ने घर पर ही ताजिए बनाए।

Updated on:
21 Aug 2021, 11:49 PM IST
Published on: