
उमेश मेनारिया/मेनार. कस्बे के कई इलाकों में इस समय बंदरों का आतंक है। कस्बे के घरों पर सुबह से शाम बंदरो की उछल कूद आम बात बन गई है। महीनों से बस्ती के अंदर डेरा जमाए बंदरोंं ने ग्रामीणों को परेशान किए हुए हैं। कस्बे के थम्भ चाैैक , स्कूूल मार्ग , पीपली चाैैक , शिव मार्ग , नीम का चाैैक सहित अनेक इलाकोंं में बंदरोंं का आतंक है । घरों की केलूूपोश छतों पर जहां बंदरोंं की फौज उछल कूद करके खप्परों को एक पल में यहां से वहां करते हुए छतों से होकर घरों के अंदर घुस जाते हैंं । घरों में रखा सामान भी उठा पटक कर देते हैं। इन बंदरों के आतंक दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है और बच्चों की सुरक्षा को बंदरोंं से गंभीर खतरा बना हुआ है क्योंकि राह चलते बच्चों व घरोंं की छतों पर रखी खाने की सामग्री पर बंदर जैसे ही झपट्टा मारते हैं और किसी ने बंदरोंं को रोकने का प्रयास किया तो हमलावर होने में देर नहीं करते हैं। घरोंं के आंगन में लगे फलदार पौधों पर पर टूट कर गिर रहे हैंं । छतों पर रखे कपड़े बिस्तर समान को बंदरोंं के द्वारा क्षति पहुंचाई जा रही है। बंदरों के द्वारा टीनशेड पर उछल कूद करने की वजह से शोर सा मचा रहता है ।