उदयपुर

नगर निगम की बैठक में आवारा मवेशियों के मुद्दे से ज्यादा तबादलों की चिंता

सिर्फ एक सदस्य ने उठाया आवारा मवेशी का मुद्दा
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Dec 28, 2018
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मुकेश हिंगड़/उदयपुर . नगर निगम की स्वास्थ्य समिति की गुरुवार को हुई बैठक में शहर में आवारा मवेशियों के इंसानों पर बढ़ते हमले की घटनाओं की रोकथाम पर न तो कोई समाधान खोजा गया और ना ही इस पर कोई चर्चा हुई। एक सदस्य ने जब यह मुद्दा उठाया तो सदस्यों ने उसका साथ जरूर दिया। इस ज्वलंत समस्या के बजाय अधिकतर सदस्यों का ध्यान सफाईकर्मियों के तबादलों पर केन्द्रित रहा।

बैठक की कार्य सूची में स्थानातरण और स्वच्छता सर्वेक्षण के बिन्दू शामिल थे। सफाई कर्मचारियों के परस्पर स्थानांतरण की बात उठी तो सदस्य भाजपा पार्षद सिद्धार्थ शर्मा ने सवाल उठाया कि बैठक में इस पर चर्चा करनी है लेकिन परस्पर स्थानांतरण की सूची तो निगम ने बना दी तो अब औपचारिकता क्यों की जा रही है। पारस सिंघवी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के स्थानांतरण परस्पर ही नहीं, जरूरत के आधार पर भी होने चाहिए जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया।

बैठक में सभी सफाईकर्मियों के परस्पर स्थानांतरण पर चिंतित दिखे, जबकि शहर आवारा मवेशियों के बढ़ते हमलों से चिंतित है। सदस्य व वार्ड 11 के पार्षद पंकज भंडारी ने जरूर जगदीश चौक में महिला पर्यटक को गाय द्वारा रौंदने का मुद्दा उठाते हुए उसका स्थायी समाधान खोजने पर जोर दिया। समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश चित्तौड़ा व अन्य सदस्यों ने इसका समर्थन जरूर किया, लेकिन इस पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए समाधान नहीं खोजा। स्वास्थ्य अधिकारी नरेन्द्र श्रीमाली ने आश्वस्त किया पशुओं को पकडऩे के लिए गाड़ी भेज देंगे।

पहली बार दो पार्षदों को विशेष आमंत्रण

बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए विशेष सफाई अभियान चलाने, जमादारों के स्थानान्तरण व उनकी पदोन्नति की पत्रावली का निस्तारण करने, सेक्टर कार्यालयों के लिए पोर्टेबल फोगिंग मशीन खरीदने के गैराज शाखा को निर्देश देने के निर्णय किए गए। बैठक में सदस्य गणपत लाल सोनी, सिद्धार्थ शर्मा, राशिद खान, केसर सिंह सिसोदिया, जगदीश सुहालका, पंकज भण्डारी तथा विशेष आमंत्रित पार्षद पारस सिंघवी व अतुल चण्डालिया एवं स्वास्थ्य अधिकारी गौरव धींग मौजूद रहे। इधर, पार्षदों में चर्चा थी कि दोनों पार्षदों को ही विशेष रूप से क्यों बुलाया, यह समझ से परे है।
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मनोनीत पार्षद व स्वास्थ्य अधिकारी उलझे
बैठक में जब मनोनीत पार्षद (सदस्य) सुशील जैन पहुंचे तो स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमाली ने उनको मना कर दिया कि सरकार ने मनोनीत पार्षदों को पदमुक्त कर दिया। इस पर जैन बोले कि आदेश कहां है, बताएं। वे कोई आदेश नहीं पेश कर पाए। इस पर दोनों आपस में उलझ गए। नगरीय विकास विभाग, जयपुर से वार्ता के बाद जैन बैठक में गए। थोड़ी देर में मनोनीत पार्षद महेन्द्र पाल सिंह लिखारी भी पहुंच गए।

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टीम नहीं आई

जगदीश चौक क्षेत्र के व्यापारियों व क्षेत्रवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि महिला पर्यटक को रौंदने की घटना के बाद भी नगर निगम से यहां आकर किसी ने नहीं पूछा।

Published on:
28 Dec 2018 06:48 pm