
उदयपुर. national seminar पुस्तकालय liberary व सूचना नेटवर्किंग को लेकर उदयपुर में जारी २२वें तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन गुरुवार को विषय विशेषज्ञों की ओर से लाइब्रेरी के बदलते कॉन्सेप्ट को लेकर मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने मौजूद प्रतिभागियों से लाइब्रेरी के योगदान से समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक ज्ञान पहुंचाकर विश्व स्तर पर अधिक समृद्धता जुटाने को कहा।
समन्वयक डॉ. संगीता कॉल ने कहा कि तेजी से बदल रही दुनिया में लाइब्रेरी कॉन्सेप्ट भी तेजी से बदल रहा है। उन्होंने पुस्तकालय में नवाचार की जरूरतें बताई। डेलनेट से विश्व के 67 सौ पुस्तकालय जुड़े हुए हैं, जिनमें 200 विदेशी पुस्तकालय भी शामिल हैं। हमने पुस्तकालयों के जरिए लोगों को शिक्षित कर समाज में परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
सम्मेलन में डॉ. चारू प्रकाश, डॉ. एआरडी प्रसाद, डॉ. सय्यद फातिमा, डॉ. संजय के बिहानी, मंजू कांत, डॉ. देबाल सीकर, राजेश पाण्डेय, डॉ. जगतारसिंह, बिनीत कुमार, डॉ. मनोरता त्रिपाठी, दीपक यादव, तपेश सिन्हा, निशांत कुमार, निर्मला सैनी, कमलेश महारवाल, वैशाली काम्ले, राजेंद्र कुमार, शहबाज हुसैन ने विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से रिसर्च डाटा मैनजमेंट रैफरेंस मैनजमेंट, पुस्तकालय डिजिटलाइजेशन, ओपन एक्सेस, क्यूआर कोड, आरएफआइडीए लाइब्रेरी कन्सल्टेंट मैनेजमेंट, डिस्कवरी सर्विसेज, सोशल मीडिया का उपयोग, फंक्शन ऑफ फ्यूचर लाइब्रेरी विषयों पर जानकारी दी। national seminar डेलनेट के निदेशक डॉ. एच के कौल, संयोजक रघुवीरसिंह देवड़ा एवं अन्य ने कार्यक्रम को संबोधित किया।