स्थायी एनओसी पर ही विषयवार मिलेगी स्नातकोत्तर विषय की स्वीकृति
उदयपुर . राजस्थान में अब निजी कॉलेज खोलना आसान नहीं होगा। जो निजी कॉलेज खोल दिए गए हैं, उन्हें भी ऐसे कई नए नियमों का पालन करना होगा। कॉलेज खोलने के बाद पांच साल की अवधि संतोषप्रद रही तो उस कॉलेज को स्थायी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। हालांकि इससे पूर्व राज्य व केन्द्र सरकार का संयुक्त दल निरीक्षण के बाद इसकी रिपोर्ट तैयार करेगा। यदि किसी भी संस्था के पास स्थायी अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं हो तो उसे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की अनुमति नहीं मिलेगी, इसमें विषयवार भी स्नातक स्तर पर स्थायी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
हालांकि इससे पहले निजी कॉलेज को कई कड़े नियमों से गुजरना होगा, कॉलेज खोलने की अनुमति के लिए प्रायोगिक विषय स्नातक/ स्नातकोत्तर के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय संस्था को संबंधित पाठ्यक्रमानुसार उपकरणों की खरीद के साथ फोटो व उसके बिल कॉलेज शिक्षा को उपलब्ध करवाने होंगे।
नकल करवाई तो मान्यता खतरे में
यदि किसी भी कॉलेज ने विश्वविद्यालय परीक्षा में अनियमितता की या किसी छात्र को नकल करवाई या अन्य कपट के कार्य किए तो उसका प्रमाण पत्र निरस्त किया जाएगा। मान्यता समाप्त होने के बाद फिर से मान्यता मिलना संभव नहीं हो सकेगा। नकल वाले मामलों को आयुक्तालय ने पहली बार शिक्षा नीति में शामिल किया है।
मापदंड पूरे नहीं होने पर शास्ति
ऐसे महाविद्यालय जिन्हें संचालित हुए 8 वर्ष से अधिक समय हो गया, और वे पीएनओसी के मापदण्ड पूरे नहीं करते तो वर्ष 2017-18 व 18-19 में प्रति संचालन वर्ष 50 हजार रुपए की शास्ति जमा करवाने पर टीएनओसी अभिवृद्धि एक सत्र के लिए मिलेगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया पर छूट बढ़ाई
जो निजी महाविद्यालय इस बार ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया अपनाएंगे, उन्हें अग्रिम वर्ष में आवेदन शुल्क में 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। गत वर्ष तक ये 10 प्रतिशत थी।
प्रत्येक सदस्य का नाम व पता भी होगा
कॉलेज आवेदन के साथ ही हर स्टाफ सदस्य का नाम, पता, योग्यता और आधार नम्बर अंकित करना होगा। 31 मई 2018 तक एनओसी जारी की जा सकेगी। 1 दिसम्बर 17 से 29 दिसम्बर तक कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय को नियमानुसार आवेदन किया जा सकेगा।
समय-समय पर नई नीति की घोषणा होती है। हालांकि निजी कॉलेजों को लेकर पूरा कार्य जयपुर स्तर पर ही होता है। जो भी बदलाव होते हैं, उनकी पूरी जानकारी वहीं से उपलब्ध होती है।
डॉ. वीणा सनाढ्य, जोनल ऑफिसर, उदयपुर जोन (कॉलेज शिक्षा)