
चंदनसिंह देवड़ा/उदयपुर . दुनिया डिजिटल होती जा रही है। शिक्षा में रोजाना नवाचार हो रहे हैं लेकिन जिले के सरकारी स्कूलों में अब भी कई ऐसे स्कूल हैं जहां इंटरनेट और बिजली के कनेक्शन तक नहीं है। ऐसे में दिक्कत यह है कि जयपुर और बीकानेर मुख्यालय से आने वाले निर्देश पाने और भेजने में इन स्कूलों को ई-मित्र या अपने मोबाइल पर इंटरनेट से काम चलाना पड़ रहा है। उदयपुर में 712 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल है जिनमें से 99 स्कूल ऐसे हैं जहां इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है।
7 स्कूल तो ऐसे जहां बिजली तक नहीं
इंटरनेट कनेक्शन तो छोड़ो जिले के 7 स्कूल ऐसे हैं जहां पर अब तक बिजली कनेक्शन तक नहीं हुआ है। ये स्कूल झाडोल, खेरवाड़ा, ऋषभदेव और सेमारी ब्लॉक में आते हैं। बिजली नहीं होने से यहां पर कम्प्यूटर संबंधी काम तक नहीं हो पाता है।
मुख्य आधार बना शाला दर्पण
शिक्षा विभाग में शाला दर्पण सूचनाओं के आदान-प्रदान का मुख्य जरिया बन चुका है। तबादले से लेकर स्कूल भवन, नामांकन, रिक्त पद, विषयवार जानकारी समेत तमाम जानकारी इस पर अपडेट करनी होती है। जब इंटरनेट सुविधा ही मुहैया नहीं होगी जिससे इन स्कूलों के संस्था प्रधानों को कई पापड़ बेलने पड़ते हैं।
इनका कहना...
दूरस्थ क्षेत्र की स्कूलों में ऐसी स्थिति है। ऐसे में इंटरनेट की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए के लिए संस्था प्रधानों को कह रखा है ताकि काम प्रभावित नहीं हो।
शिवजी गौड़, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी उदयपुर