
उदयपुर . विवादित फिल्म पद्मावती पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर क्षत्रिय महासभा के आह्वान पर गुरूवार को धरियावद कस्बा पूर्णत: बन्द रहा। बाजारों में बन्द का व्यापक असर दिखा। कस्बे में चाय हाथ ठेला से लेकर सब्जी मंडी विक्रेताओं सहित सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बन्द रहे।
सर्व समाज सहित हिंदूवादी संगठनों ने भी बन्द को व्यापक समर्थन दिया। राजमहल से शुरू हुई आक्रोश रैली में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एवं सर्व समाज के प्रतिनिधि जुड़े़। इनके साथ हिंदूवादी संगठन भी शामिल थे। पुराना बस स्टेण्ड पर फिल्म निर्माता भंसाली के पुतला फूंका गया जिसके बाद राष्ट्रपति के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। इधर तहसील का मूंगाणा कस्बा भी फिल्म के विरोध में बन्द रहा।
गौरतलब है कि राजपूत समाज ने सर्व समाज का साथ लेकर इस फिल्म को बैन करने की मांग मेवाड़ ही नहीं पूरे देश में आग की तरह फैला दी है। पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस फिल्म को रिलीज नहीं किए जाने के फरमान जारी कर दिया है। चित्ताैड़ की पाडनपोल पर सर्व समाज की ओर से धरना जारी है। अब करणी सेना ने पर्यटन और पुरातत्व विभाग को चेताया है कि वह भी इतिहास के लेखों में सुधार कर ले। चित्ताैड़ में पुरातत्व विभाग की ओर से लगाए गए पत्थर को ढंक रखा है जिस पर लिखा है अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मावती को कांच में देखा था। यही नहीं अब तो करणी सेना ने धमकी दे दी है कि दुर्ग पर चलने वाले लाइट एंड साउण्ड शो की स्क्रिप्ट में भी बदलाव किया जाए नहीं तो उसे भी बंद कर देंगे। इसमें भी कुछ इसी तरह की बातें अब तक पर्यटकों को सुनाई और दिखाई जाती रही हैं। यही नहीं करणी सेना ने कुछ महीने पहले जल महल के पास लगे शीशे फोड़ दिए थे जिनको दिखाकर टूरिस्ट गाइड बताते थे कि पद्मावती को इन्हीं शीशों में खिलजी ने निहारा था।