उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में मरीज पर पंखा गिरने से इलाज के दौरान मौत हो गई।
Udaipur News: उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के ट्रॉमा के मेडिसिन वार्ड में रविवार अलसुबह पंखा गिरने से बेड पर भर्ती मरीज को चोटें आई और बाद में हालत खराब होने पर इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पंखा गिरने से लगी चोट से मौत का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हाथीपोल थाने में रिपोर्ट दी। अस्पताल प्रबंधन ने पंखा गिरने व उससे मरीज के चेहरे व नाक पर चोट लगना स्वीकार किया है, लेकिन मौत का कारण मरीज को सांस व टीबी की बीमारी से होना बताया।
पुलिस ने मौत के कारणों को खुलासे के लिए मृतक का पोस्टमार्टम करवाया है। मृतक ओमप्रकाश (49) पुत्र फकरीचंद जटिया चित्तौडगढ़ जिले के निबाहेड़ा के पीपलिया कला गांव का रहने वाला था। उसे परिजनों ने बीमार होने पर पांच दिन पह ले ट्रॉमा के मेडिसिन विभाग में भर्ती करवाया था।
मृतक ओमप्रकाश ट्रॉमा के फर्स्ट लोर पर मेडिसिन विभाग के वार्ड 104-बी के बेड नबर 12 पर पांच दिन से भर्ती था। हाथीपोल थाने के एएसआइ दलपत सिंह ने बताया कि तड़के करीब चार बजे वार्ड में पंखा खुलकर मरीज के पास गिरा, पंखुडिय़ों से उसके चेहरे व नाक पर चोट पहुंची। चिकित्सकों ने उसके बाद इलाज करते हुए टांके लगाए। बाद में उसकी हालत खराब होने पर उसके आइसीयू में भर्ती किया, लेकिन सुबह करीब 11 बजे उसने दम तोड़दिया।
परिजनों का आरोप है कि पंखा गिरने के बाद चोट के कारण उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। घटना के बाद वार्ड में एमबी चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. आर.एल.सुमन व वरिष्ठ चिकित्सक पहुंचे और उन्होंने परिजनों को हालात से अवगत करवाया। उन्होंने मरीज की मेडिकल रिपोर्ट देख मौत का कारण सांस व टीबी की बीमारी से होना बताया। परिजनों की तसल्ली के लिए मृतक का शव मुर्दाघर में रखवाया, जहां जहां दोपहर बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंपा।
मरीज को सांस और टीबी की बीमारी थी, वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुआ था। पांच दिन से उसका उपचार चल रहा था। रविवार तडक़े पंखा दो बेड के बीच गिरा था, पंखुड़ियों से मरीज के नाक व मुंह पर चोट आई। उसके सिर पर किसी तरह की चोट नहीं थी। मौत बीमारी से हुई, परिजनों की संतुष्टि के लिए मृतक का फिर भी पोस्टमार्टम करवाया है।
-डॉ. आर.एल.सुमन, एमबी चिकित्सालय अधीक्षक