उदयपुर

जर्जर भवन में इलाज का भरोसा भी ‘दर्द’ में, पीएचसी की छत से झांक रहा हादसा

Aug 13, 2026
Rajasthan

छत से गिरता प्लास्तर, दीवारों में दरारें...खौफ में मरीज और कार्मिक
रेलमगरा. थोड़ा सा भी दर्द होने पर मरीज राहत की उम्मीद में चिकित्सालय का रुख करते हैं और दवा लेकर सुकून महसूस करते हैं, लेकिन जब खुद चिकित्सालय ही दर्द बांटने लगे तो राहत की उम्मीद मुश्किल हो जाती है। कुछ ऐसे ही हालात उपखण्ड के कोटड़ी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन के बने हुए हैं। चिकित्सालय की छत से खतरा साफ नजर आ रहा है, वहीं दीवारों में पड़ी दरारें भवन की जर्जर हालत को बयां कर रही हैं। वर्षों से भवन की मरम्मत की मांग के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने से यहां आने वाले मरीजों के साथ चिकित्साकर्मी भी खौफ के साए में काम करने को मजबूर हैं। चिकित्सालय की छतों से प्लास्तर गिर चुका है और कई जगह लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। बादलों की तेज गर्जना के बाद होने वाले धमाकों से भी छत का प्लास्तर नीचे गिर रहा है। दीवारों में पड़ी दरारें भवन को लगातार कमजोर कर रही हैं। चिकित्सालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार भवन की जर्जर स्थिति सहित अन्य समस्याओं से सक्षम अधिकारियों को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक मरम्मत के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कोटड़ी सहित क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को चिकित्सकीय सेवाएं इसी स्वास्थ्य केन्द्र से मिलती हैं। ऐसे में समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों को जर्जर भवन के साथ चिकित्साकर्मियों के रिक्त पदों के कारण भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने भवन की मरम्मत कराने, रिक्त पदों पर चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति करने तथा स्वास्थ्य केन्द्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
नवीन कक्ष दो वर्ष में ही बेहाल
हैरानी की बात यह है कि करीब दो वर्ष पूर्व चिकित्सालय परिसर में नवीन कक्ष का निर्माण कराया गया था, लेकिन यह कक्ष भी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। कक्ष में लगी टाइल्स उखड़ने लगी हैं और दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। फर्श कई जगह बैठने लगी है, जिससे उसका लेवल भी गड़बड़ा गया है। ग्रामीणों ने कक्ष निर्माण में बरती गई लापरवाही और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त
भवन की जर्जर स्थिति के साथ चिकित्सालय में लंबे समय से चिकित्सक का पद भी रिक्त पड़ा है। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ के कई पद वर्षों से खाली हैं। चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के पद रिक्त होने से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा और उन्हें उपचार के लिए अन्यत्र जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मरीजों के लिए पेयजल तक नहीं
स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए स्वच्छ पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में जर्जर भवन, रिक्त पद और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।

Updated on:
13 Aug 2026 06:01 am
Published on:
13 Aug 2026 06:01 am