पत्रिका की खबरों का असर, पार्किंग सुधार के लिए अब प्रशासन एक्शन मोड में उदयपुर. आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एमबी हॉस्पिटल और पन्नाधाय महिला हॉस्पिटल व सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल परिसर में लंबे समय से चल रही पार्किंग समस्या पर आखिरकार प्रशासन गंभीर हो गया। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन के एक कमेटी बनाई […]
पत्रिका की खबरों का असर, पार्किंग सुधार के लिए अब प्रशासन एक्शन मोड में
उदयपुर. आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एमबी हॉस्पिटल और पन्नाधाय महिला हॉस्पिटल व सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल परिसर में लंबे समय से चल रही पार्किंग समस्या पर आखिरकार प्रशासन गंभीर हो गया। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन के एक कमेटी बनाई है, जो पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस योजना तैयार करेगी। कमेटी को 3 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन ने माना है कि वर्तमान में पार्किंग व्यवस्था अस्पताल की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। रोज हजारों मरीज, उनके परिजन और स्टाफ के वाहन अस्पताल परिसर में पहुंचते हैं, लेकिन सुव्यवस्थित पार्किंग की कमी से अव्यवस्था रहती है। गौरतलब है कि ‘राजस्थान पत्रिका’ में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों में एमबी हॉस्पिटल की पार्किंग समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की।---
कमेटी में वरिष्ठ डॉक्टर और अधिकारी शामिल
जारी आदेश के अनुसार, गठित कमेटी में अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों को शामिल किया है। इसमें आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर, नर्सिंग अधिकारी और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के प्रतिनिधि शामिल हैं। कमेटी का उद्देश्य जमीनी स्तर पर समस्या का आकलन कर व्यावहारिक समाधान सुझाना है।
3 दिन में सर्वे और रिपोर्ट का निर्देश
आदेश में कहा है कि कमेटी 3 दिनों के भीतर अस्पताल परिसर का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट में वर्तमान पार्किंग व्यवस्था का मूल्यांकन, कमियों की पहचान और सुधार के लिए प्रस्ताव शामिल होंगे। यह भी देखा जाएगा कि पार्किंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है।----
अव्यवस्थित पार्किंग पर लगेगी रोक
कमेटी को यह भी निर्देश दिए हैं कि अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों को नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई जाए। खासकर चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए निश्चित स्थान चिह्नित करने और नो-पार्किंग जोन तय करने पर जोर दिया जाएगा। इससे अनावश्यक भीड़ और जाम की स्थिति को कम किया जा सकेगा।
ट्रॉमा और इमरजेंसी एरिया पर विशेष फोकस
अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्या सामने आती है, जहां वाहनों की भीड़ के कारण एम्बुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल पाता। कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार अलग पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।---
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था भी होगी मजबूत
पार्किंग सुधार के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। आदेश में संकेत दिए गए हैं कि पार्किंग नियमों के पालन के लिए स्टाफ और सुरक्षा गार्ड्स की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे मनमर्जी से वाहन खड़े करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सकेगी।
मरीजों को मिलेगी राहत
अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह फैसला राहत भरा साबित हो सकता है। वर्तमान में कई बार मरीज को उतारने के लिए भी जगह नहीं मिलती, जिससे इलाज में देरी होती है। यदि कमेटी की सिफारिशों को जल्द लागू किया जाता है, तो अस्पताल में आने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिल सकेगी।------
सुबह दुपहिया वाहन लेकर आने वालों को पार्किंग में काफी परेशानी होती है। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में अनाधिकृत निजी वाहन खड़े रहते हैं, जिन्हें चिन्हित कर हटाया जाएगा। मरीजों और उनके परिजनों के लिए बेहतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए कमेटी बनाई है, जिसमें डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी और यूनियन सदस्य शामिल हैं, ताकि स्टाफ के लिए अलग पार्किंग स्थल तय कर व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा सके।
डॉ. राहुल जैन, प्रिंसिपल,