
उदयपुर . सत्रह वर्षीय पुष्कर गमेती की दुनिया पिछले दो वर्ष से एक बिस्तर पर सिमट कर रह गई है। आठवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान पोलियो की चपेट में आने से वह न चल सकता है और न ही ढंग से बैठ पाता है। पुष्कर की मां मोहनी देवी बताती है कि बीमारी से पहले घर में उसकी चहल-पहल से माहौल खुशहाल रहता था, लेकिन पिछले दो वर्ष से घर में सन्नाटा सा छा गया है। उसका अधिकतर समय पुष्कर की देखभाल में गुजर जाता है। पोलियो के साथ ही बुखार सहित अन्य बीमारियों ने भी उसे घेर रखा है। सारी जमा पूंजी उसके इलाज पर खर्च हो गई, लेकिन अब ऐसी स्थिति में नहीं है कि उसके इलाज का खर्च उठा सके। पुष्कर के पिता कालूलाल प्लम्बर के रूप में दिहाड़ी मजदूर है। उन्होंने बताया कि जमा पूंजी एवं इधर-उधर से उधार लेकर 50 हजार रुपए खर्च किए। पहले पुष्कर के एक पांव में ही बीमारी थी लेकिन इलाज के अभाव में दोनों पैर काम करने बंद हो गए। डॉक्टरों के अनुसार निरंतर इलाज हो तो बीमारी को दूसरे अंगों में फैलने से रोका जा सकता है। ऐसे में लाचार माता-पिता अपने पुत्र के इलाज के लिए मददगार की राह तक रहे हैं।
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20 नए डॉक्टर्स ने दी ज्वाइनिंग
उदयपुर. चिकित्सा विभाग ने साक्षात्कार के बाद अस्थायी रूप से चयनित करीब 20 चिकित्सकों ने सेवाएं देने पर सहमति जताई है। चयनित डॉक्टर्स की ओर से सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में ज्वाइनिंग दी है। कुल 23 पदों के लिए हुए साक्षात्कार में 20 आवेदकों ने उत्साह दिखाया। फिलहाल पदस्थापन फाइल जिला कलक्टर के पास लम्बित है। फिलहाल समस्या टली नहीं है क्योंकि ज्वाइनिंग के बाद डॉक्टर्स की पोस्टिंग होगी। उसके बाद कितने चिकित्सक सेवाएं देते है, उस पर सब निर्भर करेगा। हालांकि डॉक्टर ग्रामीण इलाकों में पोस्टिंग लेकर उत्साहित हैं। इसकी वजह पीजी कक्षाओं में चयन को लेकर मिलने वाला बोनस है।