उदयपुर

उदयपुर के राहत हॉस्पिटल में नवजात की बिगड़ती हालत से आक्रोशित युवाओं ने किया विरोध-प्रदर्शन, चिकित्सकों ने मांगी सुरक्षा

-नवजात की बिगड़ती हालत से आक्रोशित परिजनों एवं युवाओं की ओर से मधुवन स्थित राहत हॉस्पिटल में गतदिनों हुई तोडफ़ोड़ एवं मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा
2 min read
collectorate,RNT medical college,udaipur hindi latest news,udaipur latest hindi news,

उदयपुर . नवजात की बिगड़ती हालत से आक्रोशित परिजनों एवं युवाओं की ओर से मधुवन स्थित राहत हॉस्पिटल में गतदिनों हुई तोडफ़ोड़ एवं मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को युवाओं ने सुबह करीब आधे घंटे तक कोर्ट चौराहा पर प्रदर्शन किया, वहीं चिकित्सकों के संगठनों ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

READ MORE : राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर कांग्रेसियों में छाया उत्साह, युवाओं में खुशी की लहर, मनाया जश्न


प्रदर्शनकारी युवाओं ने हॉस्पिटल बिल्डिंग के मालिक एवं आरएनटी के अधीन संचालित बाल चिकित्सालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. लाखन पोसवाल को निलम्बित करने एवं उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप में निजी चिकित्सालय में ताला लगवाने की मांग को लेकर जाम लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में युवा नेता करणसिंह दुलावत, विवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मयूरध्वजसिंह चौहान, कमलेंद्रसिंह पवांर एवं तनवीरसिंह कृष्णावत के साथ बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय एवं अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट की ओर कूच किया और वहां भी नारेबाजी का सिलसिला जारी रखा।

बाद में प्रदर्शनकारियों में शामिल प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलक्टर विष्णुचरण मल्लिक से मुलाकात कर कार्रवाई संबंधित ज्ञापन सौंपा। कलक्टर ने प्रतिनिधि मंडल को उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। बाद में प्रतिनिधियों ने जिला पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर आईएमए अध्यक्ष डॉ. सुनील चुघ, महासचिव डॉ. आनंद गुप्ता, आरएमसीटी महासचिव डॉ. राहुल जैन, अरिस्दा के डॉ. तरुण व्यास, रेजिडेंट यूनियन अध्यक्ष डॉ. राजवीरसिंह एवं महासचिव डॉ. दीपाराम पटेल ने सामूहिक ज्ञापन देकर कलक्टर से तोडफ़ोड में लिप्त आरोपितों को मेडिकल प्रोटक्शन एक्ट २००८ के तहत शीघ्र गिरफ्तार करने की बात कही। समुचित लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखते हुए चिकित्सकों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग दोहराई।

चिंताजनक हालत, पुलिस तैयार
इधर, राहत हॉस्पिटल से एमबी हॉस्पिटल के बाल चिकित्सा इकाई में शिफ्ट किए गए नवजात की हालत गंभीर बनी हुई रही। एेसे में हाथीपोल थाना और एमबी चौकी पुलिस पूरे दिन मुस्तैद नजर आई। पुलिस ने समझाइश के प्रयास भी किए।

Updated on:
12 Dec 2017 09:41 am
Published on:
12 Dec 2017 02:37 am