
स्वच्छता रैंकिंग को लेकर नगर निगम ने इस माह पूरी तरह से गंभीरता से काम करने तथा इसी मॉडल को आगे तक लागू करने का मानस बनाया है। महापौर चन्द्रसिंह कोठारी व स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश चित्तौड़ा ने पार्षदों को भी वार्ड में साफ-सफाई पर पूरी निगरानी के लिए कहा है। इधर, स्वास्थ्य शाखा ने एक आदेश जारी कर सभी जमादारों व सहायक जमादारों से कहा कि वे अब स्मार्ट फोन रखें।
स्मार्ट फोन पर अपडेट करना होगा
इसमें जमादार व सहायक जमादार को निगम में आने वाली शिकायतें भेजी जाएगी और उस समस्या का निस्तारण कर उसे संबंधित जमादार व सहायक जमादार को वापस स्वास्थ्य निरीक्षक या स्वास्थ्य अधिकारी को भेजना होगा। स्वास्थ्य अधिकारी नरेन्द्र श्रीमाली के अनुसार इस व्यवस्था से कामकाज को भी गति मिलेगी। कर्मचारियों के सामने भी मौके की तस्वीर होगी और वे वापस उसको ठीक कर जो तस्वीर देंगे उससे जरूरत पर शिकायतकर्ता को भी बताया जा सकेगा।
सविना में निकाला मलबा
स्वच्छता के विशेष अभियान कार्यक्रम के दौरान सविना सब्जी मण्डी में नाले एवं पुराने मलबे कचरे को हटवाया गया। मौके पर चले अभियान के दौरान नाले में से पत्थर, प्लास्टिक बोतले, पॉलीथिन आदि निकले। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी नरेन्द्र श्रीमाली, सहायक अभियंता गौरव धींग, स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाषचन्द्र शर्मा, स्वास्थ्य प्रभारी मदनलाल केसरिया उपस्थित थे।
वियतनाम में बताए जलवायु संरक्षण के उपाय
जलवायु परिवर्तन का प्रकृति पर असर और उसको रोकने के उपायों को लेकर वियतनाम में हुई कार्यशाला में महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने उदयपुर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों को दूसरे देशों के समक्ष साझा किया। कार्यशाला में महापौर ने बताया कि उदयपुर में नगर निगम व यूआईटी ने फतहसागर-रानी रोड व देवाली रोड पर साइकिलिंग जोन शुरू करवाया। पेड़-पौधे लगाने व पहाडिय़ों के संरक्षण के लिए वन विभाग को राशि दी। शहर में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को मजबूत करने के लिए निगम करीब 35 से ज्यादा सिटी बसों के संचालन का प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और जल्द ये बसें मिल जाएंगी। इससे शहरवासी अपनी गाड़ी की बजाय इन बस सेवाओं से जुड़ेंगे तो प्रदूषण के साथ ही सडक़ों पर वाहनों का दबाव कम होगा।
महापौर ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुरू कर दिया। सौर ऊर्जा के प्लांट लगवा दिए लेकिन बस कमी रही तो ठोस कचरा निस्तारण के प्लांट की। उन्होंने कहा कि इसके लिए कई सालों से टेंडर कर रहे हैं लेकिन कोई आगे नहीं आया। कार्यशाला का एक सत्र पेरिस समझौते की पालना को लेकर भी हुआ।
Updated on:
11 Dec 2017 12:26 am
Published on:
11 Dec 2017 12:26 am
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