
मुकेश हिंगड़/उदयपुर . विधानसभा चुनाव से पूर्व उदयपुर शहर कांग्रेस में झगड़ा बढ़ गया है। उदयपुर शहर कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के संगठन प्रभारी महामंत्री की ओर से महामंत्री को नोटिस देने के दूसरे दिन शुक्रवार को विवाद तूल पकड़ लिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) तक शिकायत पहुंचाते हुए प्रभारी महामंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठ गए। इधर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कहा कि उन्होंने अपने काम के संचालन के लिए किसी को जिम्मेदारी दी तो इसमें गलत क्या किया है।उल्लेखनीय है कि भारत बंद को लेकर हुई बैठक की शहर अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों को सूचना नहीं मिलने के मामले में संगठन प्रभारी महामंत्री अरुण टाक ने सूचना देने वाले शहर महामंत्री दिनेश दवे को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था। मामले में शुक्रवार को कुछ कांग्रेस नेताओं ने पीसीसी को शिकायत करते हुए पूछा कि क्या पीसीसी ने उदयपुर में संगठन प्रभारी महामंत्री की नियुक्ति कर रखी है? इस तरह नोटिस देने कैसे दिए जा रहे हैं और कैसे अलग-अलग नियुक्तियां पीसीसी की अनुमति के बगैर की जा रही है। कांग्रेस में इस नए विवाद से एक-दूसरे की शिकायतें करने का सिलसिला एकाएक बढ़ गया है।
कौन क्या बोला ....
मुझे बताया मामला
इस तरह नोटिस देने और नियुक्ति को लेकर उदयपुर से आज मेरे पास सूचनाएं आई हैं। हम इस पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं। वैसे संगठन प्रभारी महामंत्री की नियुक्ति पीसीसी के अनुमोदन के बगैर नहीं हो सकती है।
- मुमताज मसीह, मुख्यालय प्रभारी महामंत्री-पीसीसी
मेरा अधिकार है
मैं अध्यक्ष हूं। मैंने कार्य की जिम्मेदारी दी है, अकेला मैं क्या करूंगा काम तो बांटना ही होगा। हमारा प्रभारी महामंत्री पार्टी के लिए दिन-रात काम कर रहा है। किसी को कोई तकलीफ है तो घर में बैठकर ही हमसे बात करें। मैं सबको साथ लेकर चल रहा हूं, सबको जिम्मेदारियां दी है।
- गोपाल शर्मा, अध्यक्ष (डीसीसी)
जिम्मेदारी का पत्र दिया है
मेरे को यह जिम्मेदारी दी गई है। जिलाध्यक्ष ने बकायदा पत्र जारी किया है। इसकी प्रति भी पीसीसी मुख्यालय प्रभारी तक भी पहुंचा रखी है। जिलाध्यक्ष के निर्देशानुसार पार्टी के लिए काम कर रहा हूं।
- अरुण टाक, संगठन प्रभारी महामंत्री (डीसीसी)