उदयपुर दौरे पर आए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने शहर भाजपा की गुटबाजी और आरोप-प्रत्यारोप पर कहा कि मामले का संज्ञान लिया गया है और आगे ऐसा नहीं होगा। उन्होंने NEET पेपर लीक को राजस्थान से जोड़ने से इनकार किया और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, गहलोत सरकार में 17 पेपर लीक हुए थे।
Madan Rathore Statement: उदयपुर जिले के दौरे पर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को मंगलवार को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। वे मंगलवार दोपहर में पत्रकारों से रूबरू हुए थे। उदयपुर शहर भाजपा में गुटबाजी, आपसी आरोप-प्रत्यारोप को लेकर किए गए सवाल पर राठौड़ ने कहा कि सारी स्थिति जानकारी में है और मैंने इस पर संज्ञान भी लिया है। आगे कभी भी भाजपा में ऐसा नहीं होगा। भाजपा हमारा परिवार है और घर में बात कर ली।
प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ दो दिन की गतिविधियों की जानकारी दे रहे थे। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, गतिविधियों की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने संयमित जीवन जीने, आवश्यकता की पूर्ति करने की बात कही है, किसी पर रोक नहीं लगाई है।
सर्राफा व्यापारियों की नाराजगी को लेकर कहा कि शादी होगी तो जेवर बनेंगे ही, पर जमा करने के लिए खरीदना नहीं चाहिए। सोना खरीदने पर रोक नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने घर के मुखिया की तरह सलाह दी है, अपील की है अगर कोई सोना खरीद ही ले तो उसे दंडित तो नहीं किया जाएगा।
वार्ता के दौरान सांसद मन्नालाल रावत, विधायक फूल सिंह मीणा, दीप्ति माहेश्वरी, संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा, शहर जिला प्रभारी हरीश पाटीदार, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, देहात अध्यक्ष पुष्कर तेली, प्रमोद सामर मौजूद रहे।
पेपर लीक पर नीट परीक्षा रद्द किए जाने पर राठौड़ ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी। पेपर राजस्थान में नहीं, बल्कि केरल से लीक हुआ। इसकी जांच चल रही है, सच सामने आ जाएगा। दोषी को दंडित किया जाएगा।
पेपर लीक होना अच्छी बात नहीं, लेकिन केंद्र सरकार ने तत्काल निर्णय लिया। किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो, इसका ध्यान रखा। अभ्यर्थियों को पुन: आवेदन करने, फीस देने की जरूरत नहीं होगी।
राठौड़ ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधा। कहा कि हमारी सरकार पर सवाल खड़े करने वाले गहलोत भूलें नहीं कि उनके राज में 17 पेपर लीक हुए थे। ये तो 100-100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली…जैसी बात है।
भजनलाल सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। कांग्रेस के राज में तो सीएम और डिप्टी सीएम एक-दूसरे को नीचा दिखाने में ही लगे रहे। अपने-अपने विधायकों को लेकर होटलों में बैठे रहे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि निकाय चुनाव में भाजपा की हार पर चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। इस पर राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में पंचायतीराज और स्थानीय निकाय के 73 उप चुनाव हुए, उसमें से 63 भाजपा और 10 कांग्रेस ने जीत हासिल की।
उपचुनाव में कांग्रेस को धूल चटाई। कांग्रेस नेता अपनी पीठ नहीं थपथपाए। चुनाव नहीं हो पाने की वजह वन स्टेट-वन इलेक्शन है। मंशा सब चुनाव एक साथ कराने की है, ताकि विकास कार्य करने में ज्यादा समय मिल सके।
प्रदेश में यूआईटी से लेकर आयोगों तक पद खाली होने की बात पर प्रदेशाध्यक्ष ने एक माह में सभी राजनीतिक नियुक्तियां करने के संकेत दिए। कहा कि जल्द ही नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी।
हाल ही में वित्त आयोग, देवनारायण बोर्ड, किसान आयोग में नियुक्तियां की हैं। वहीं, जो पद खाली हैं, उन पर नियुक्तियां जल्द होने वाली है। कार्यकर्ताओं की पीड़ा को लेकर कहा कि भाजपा राज में अफसर हावी नहीं होते, कार्यकर्ताओं के सभी काम होंगे।
उदयपुर भाजपा में वीडियो कांड (उदयपुर फाइल्स) से संबंधित सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष ने गोलमाल जवाब दिया। एक तरह से वे वीडियो कांड के किरदार को बचाने की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कहा कि एआई से कुछ भी बन सकता है।
पत्रकारों ने चार्जशीट का हवाला देकर एआई वीडियो नहीं होने की बात कही तो राठौड़ उखड़ गए और बोले कि आप मीडिया ट्रायल मत कीजिए। ट्रायल तो पुलिस और कोर्ट ही करेगी। मामले में और भी नेताओं के नाम होने की बात पर कहा कि 'नाम बता दीजिए, जांच करवा लूंगा।'