Rajasthan CNG Prices : राजस्थान में सीएनजी गैस की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि उदयपुर में वाहन चालकों को 89.20 रुपए प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं। जानिए राजस्थान में सबसे महंगा व सस्ता सीएनजी कहां मिलता है।
Rajasthan CNG Prices : राजस्थान में सीएनजी गैस की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि उदयपुर से महज 100 किमी दूर डूंगरपुर और बांसवाड़ा में सीएनजी करीब 9 रुपए प्रति किलो सस्ती मिल रही है। जहां उदयपुर में वाहन चालकों को 89.20 रुपए प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं, वहीं डूंगरपुर और बांसवाड़ा में यही गैस 81.44 रुपए प्रति किलो में मिल रही है।
गैस कंपनियों के अनुसार सीएनजी की कीमतें सीधे सरकार तय नहीं करती। देश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन का अधिकार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड को दिया जाता है। यह प्रक्रिया लॉटरी और बोली प्रणाली के आधार पर होती है। जिस कंपनी को जिला आवंटित होता है, उसे करीब 25 साल तक गैस सप्लाई और पाइपलाइन बिछाने का अधिकार मिलता है। कंपनी अपने हिसाब से कीमत तय करती है। इसी वजह से अलग-अलग जिलों में गैस की दरों में बड़ा अंतर है। अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई में उतार चढ़ाव का असर भी कीमतों पर पड़ता है।
शहर - कंपनी - कीमत (प्रति किलो)
कोटा - टोरेंट गैस - 95.00
जयपुर - टोरेंट गैस - 93.41
उदयपुर - एटीजीएल (अदाणी) - 89.20
चित्तौड़गढ़ - एटीजीएल - 89.20
राजसमंद - आईजीएल - 86.44
अजमेर - आईजीएल - 86.44
बांसवाड़ा - गुजरात गैस - 81.44
डूंगरपुर - गुजरात गैस - 81.44
इसके अलावा भारी वाहनों के लिए एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें गैस विशेष ट्रेलर-टैंकरों में भरी जाती है और बड़े ट्रकों में डीजल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जाती है। राजस्थान में फिलहाल भीलवाड़ा में एक एलएनजी स्टेशन चालू है, जबकि एक अन्य स्टेशन मंगलवाड में निर्माणाधीन है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी की कीमतें कंपनियां तय करती हैं, इसलिए जहां निजी कंपनियां सप्लाई कर रही हैं वहां कीमत अपेक्षाकृत ज्यादा है। वहीं आईजीएल और गुजरात गैस जैसी सरकारी भागीदारी वाली कंपनियों के क्षेत्रों में सीएनजी सस्ती मिल रही है। यही कारण है कि उदयपुर में वाहन चालकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, जबकि पास के जिलों जैसे डूंगरपुर-बांसवाड़ा में सीएनजी सस्ती मिल रही है।
सीएनजी, पीएनजी और एलएनजी सभी प्राकृतिक गैस से तैयार किए जाते हैं। भारत में बड़ी मात्रा में गैस रूस, कतर सहित अन्य देशों से आयात की जाती है। अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई में उतार-चढ़ाव का असर भी कीमतों पर पड़ता है। अब कई शहरों में पाइपलाइन के जरिए घरों तक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पहुंचाई जा रही है। इससे सिलेंडर पर निर्भरता कम हो रही है और रसोई गैस सीधे पाइपलाइन से मिल रही है।