Nikki Robot: राजस्थान के इंजीनियर नितिन पुरोहित ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर एक ऐसा रोबोट बनाया है, जो इशारों को भी समझ सकता है।
उदयपुर। शहर पर्यटन के साथ अब टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के नक्शे पर भी उभर रहा है। शोभागपुरा निवासी नितिन पुरोहित ने बड़े शहरों की सुविधाएं छोड़कर अपने शहर में छात्रों को नई तकनीक सिखाने और रोबोटिक्स के क्षेत्र में अवसर बनाने की दिशा चुनी है। उन्होंने पूरी तरह स्क्रैच से निक्की रोबोट बनाया है, जो छात्रों और इंटर्न के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है।
खास बात यह है कि इस रोबोट को किसी रेडीमेड किट या तैयार मशीन से नहीं बनाया गया। इसके सभी पार्ट्स, डिजाइन, वायरिंग और प्रोग्रामिंग नितिन ने शुरू से खुद तैयार की। इस प्रकिया को क्रैच कहते हैं।
नितिन पुरोहित ने कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने इंफोसिस , आईबीएम , जेंसर और इनोवैप्टिव जैसी बड़ी कंपनियों में करीब 18 साल काम किया। 2020 में कोरोना के दौरान उदयपुर लौटे। वर्क फ्रॉम होम करते हुए उन्हें विचार आया कि क्यों न अपने शहर में कुछ नया किया जाए। अच्छी सैलरी और सुरक्षित नौकरी छोड़ना आसान नहीं था। शुरुआत में परिवार में हिचकिचाहट थी, लेकिन पत्नी निकिता और माता-पिता के समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।
इस पहल का उदाहरण है ‘निक्की’ रोबोट है। नितिन की टीम में प्रिंस सुखवाल, राहुल और ललिता ने अहम भूमिका निभाई। निक्की लोगों से बातचीत कर सकता है, सवालों का जवाब देता है, चल सकता है और दिशा बदल सकता है। हाथों से इशारे कर हल्के सामान पकड़ता है। बच्चों व इंटर्न्स को लाइव कोडिंग और प्रोजेक्ट सीखने का अनुभव देता है। यह रिटेल, ऑफिस और होटल में स्मार्ट असिस्टेंट की तरह भी काम कर सकता है। राजस्थान में यह पहली बार पूरी तरह स्क्रैच से तैयार रोबोट है।
नितिन और उनकी टीम ने ‘निक्की’ रोबोट को पूरी तरह स्क्रैच से डिजाइन और डेवलप किया। हार्डवेयर असेंबली से लेकर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग तक हर चरण खुद तैयार किया। सेंसर, मोटर्स और एआई बेस्ड सिस्टम को इंटीग्रेट कर इसे इंटरैक्टिव बनाया, जिससे यह बातचीत, मूवमेंट और बेसिक टास्क आसानी से कर सकता है।
नितिन का मकसद था कि उदयपुर के छात्र भी रोबोटिक्स और एआई जैसी नई तकनीक सीखें। पारंपरिक पढ़ाई की बजाय छात्रों को प्रोजेक्ट बनाकर सीखने का मौका मिलता है। स्कूल और कॉलेज में लैब बनाई हैं, जहां छात्र असली समस्याओं पर काम करते हैं। इंटर्नशिप और मेंटरशिप से उन्हें यह भी सिखाया जाता है कि किसी विचार को प्रोजेक्ट और फिर प्रोडक्ट में कैसे बदला जाए।
नितिन और उनकी टीम अब निक्की जैसी तकनीक को व्यावसायिक रूप देने पर काम कर रही है। भविष्य में यह रोबोट होटल और हॉस्पिटैलिटी में सेवा देगा, स्कूलों में बच्चों को लाइव कोडिंग सिखाएगा और रिटेल-ऑफिस में स्मार्ट असिस्टेंट का काम करेगा।