2 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आमेर किला: किसने बनवाया, क्या है इतिहास और क्यों है UNESCO हेरिटेज?

Amer Fort Rajasthan: आमेर किला किसने बनवाया, इसका इतिहास क्या है और क्यों यह UNESCO हेरिटेज साइट है। जानिए पूरी जानकारी इस विस्तृत खबर में।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Himesh Rana

Apr 02, 2026

फोटो- यूनेस्को हेरिटेज में शामिल आमेर किला

Amer Fort Rajasthan: आमेर किला राजस्थान की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। जयपुर से करीब 11 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों पर स्थित यह किला अपनी भव्यता, शाही जीवनशैली और अद्भुत वास्तुकला के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यही वजह है कि इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में “Hill Forts of Rajasthan” के तहत शामिल किया गया है।

किसने बनवाया आमेर किला और क्या है इसका इतिहास?

आमेर किले का निर्माण 16वीं शताब्दी में कछवाहा राजवंश के शासक राजा मानसिंह प्रथम ने शुरू करवाया था। उस समय आमेर, जयपुर राज्य की राजधानी हुआ करता था। बाद में राजा जयसिंह प्रथम और अन्य शासकों ने इस किले का विस्तार किया और इसे और भी भव्य बनाया। इस किले का इतिहास राजपूताना शौर्य, राजनीति और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। आमेर किला सिर्फ एक सैन्य किला नहीं था, बल्कि यह शाही निवास भी था, जहां राजपरिवार रहता था। यहां दरबार, महल, आंगन और मंदिर सभी एक ही परिसर में बने हुए हैं, जो उस समय की जीवनशैली को दर्शाते हैं।

क्या है आमेर किले की खासियत?

आमेर किला अपनी शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है, जिसमें राजपूत और मुगल शैली का अनोखा मेल देखने को मिलता है।

शीश महल: कांच की बारीक कारीगरी से बना यह महल रोशनी में चमक उठता है।
दीवान-ए-आम: जहां आम जनता के लिए दरबार लगता था।
दीवान-ए-खास: खास मेहमानों के लिए बना भव्य कक्ष।
गणेश पोल: खूबसूरत प्रवेश द्वार जो किले की शान बढ़ाता है।
मावठा झील: किले के सामने स्थित झील जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाती है।

यह किला कला, स्थापत्य और इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है।

यूनेस्को हेरिटेज में क्यों शामिल है आमेर किला?

आमेर किला “Hill Forts of Rajasthan” समूह का हिस्सा है, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है। इसमें राजस्थान के छह प्रमुख किले शामिल हैं। यूनेस्को ने इसे इसकी अनूठी वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व और पहाड़ी किलों की विशेष संरचना के कारण सूची में शामिल किया। यह किला न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कैसे पहुंचें और कब जाएं?

आमेर किला जयपुर शहर से आसानी से पहुंचा जा सकता है। जयपुर से टैक्सी, ऑटो या बस से 20-30 मिनट में पहुंच सकते हैं। सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक किला खुला रहता है। यहां शाम को होने वाला लाइट एंड साउंड शो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होता है।

पर्यटकों के लिए जरूरी टिप्स

आरामदायक जूते पहनें।
गर्मी में सुबह या शाम का समय चुनें।
गाइड जरूर लें, इससे इतिहास समझने में मदद मिलती है।
भीड़ से बचने के लिए जल्दी पहुंचें।