भूमाफिया ने हावी होते हुए आसपास के पेराफेरी क्षेत्र में न केवल सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया, बल्कि फर्जी तरीके से भूखंडों की प्लानिंग काटकर कइयों को सड़क पर ला दिया।
उदयपुर। शहर में भूमाफिया ने हावी होते हुए आसपास के पेराफेरी क्षेत्र में न केवल सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया, बल्कि फर्जी तरीके से भूखंडों की प्लानिंग काटकर कइयों को सड़क पर ला दिया। यूडीए ने ऐसी कई प्लानिंग को चिह्नित कर जब उन पर बुलडोजर चलाए तो एक भी भूमाफिया सामने नहीं आया।
टीम ने पिछले एक साल में दनादन कार्रवाई से अब तक 500 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त करवा दी, लेकिन पहचान नहीं होने से भूमाफिया के खिलाफ आज तक एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। यूडीए अधिकारियों का कहना है कि भूमाफिया के बारे में भूखंड खरीदार ही जानते है, अगर उन्होंने फर्जी तरीके से सरकारी जमीन बेचकर भूखंड बेचे तो वे उनके खिलाफ सीधे मुकदमे दर्ज करवाए।
नोहरा में- 125 करोड़, भुवाणा में-50 करोड़, भीलवाड़ा लखावली तालाब-60 करोड़, अंबेरी-60 करोड़, बेड़वास-15 करेाड़, धोल की पाटी-25 करोड़, तीतरड़ी- 30 करोड़, अंबेरी- 18 करोड़ व अन्य जगह।
यूडीए ने सवीना खेड़ा, भुवाणा, अंबेरी, बेड़वास, नोहरा, लखावली, नाई, मनवाखेड़ा, लई का गुड़ा, पारड़ा, आयड़, सुरपलाया, मादड़ी पुरोहितान, बेदला, भीलवाड़ा, बलीचा, देवाली, भुवाणा, तीतरड़ी, अंबरी, गोरेला, तीतरड़ी रुण्डेला तालाब बलीचा, बेड़वास, प्रतापनगर, धोल की पाटी, गुखर मगरी, फूटा तालाब, तीतरड़ी, बलीचा, कानपुर में कई जगह पर सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करवाया। यहां भूमाफियाओं ने जमीनों पर चाहरदीवारी व कोठी बना दी। इसके अलावा हिल पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए बिना स्वीकृति निर्माण करवाए, यूडीए ने ऐसे 39 भवनों को सीज किया।
अतिक्रमियों ने नयाखेड़ा, नाई, अंबेरी, डबोक इकोसेंसिटिव और पहाड़ी क्षेत्र को भी कब्जा लिया।
लोगों ने बिना वैध पट्टा, निर्माण स्वीकृति सीधा कई जगह पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी। यूडीए ने ऐसे कई निर्माण सीज किए।
कई कृषि भूमि पर अवैध होटल, रिसोर्ट, विला, बहुमंजिला इमारत, अवैध मकान, दुकानें आदि बना दी, वहां सरकारी रास्तों पर अतिक्रमण तक कर लिए।