
Rajasthan Jana Arogya Liver Clinic: उदयपुर: लिवर की बीमारी की समय पर पहचान और बेहतर इलाज के लिए शुरू किया गया जन आरोग्य लिवर क्लीनिक अब प्रदेशभर में विस्तार की राह पर है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके लिए छह विशेषज्ञों की समिति गठित की है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार माथुर को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में क्लीनिक शुरू करने के साथ ही मरीजों की जांच, उपचार और नियमित निगरानी की व्यवस्था का खाका तैयार करेगी।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल की ओर से 5 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, समिति लिवर रोगों की पहचान, इलाज और मरीजों की निगरानी की व्यवस्था तैयार करेगी। इसके लिए राज्य लिवर रोग रजिस्ट्री बनाई जाएगी, जिसमें मरीजों और उनकी बीमारी से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज होगी। इससे प्रदेश में लिवर रोगों की स्थिति और इलाज की जरूरत वाले क्षेत्रों का आकलन किया जा सकेगा।
लिवर रोग से जुड़े नमूनों और जरूरी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जैव बैंक विकसित किया जाएगा। इससे बीमारी पर शोध और नए उपचार की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी। समिति मौजूदा क्लीनिकों को बेहतर बनाने और प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में जन आरोग्य लिवर क्लीनिक शुरू करने की योजना भी तैयार करेगी।
डॉ. माथुर की अध्यक्षता वाली समिति में कोटा के डॉ. अनिल शर्मा, जोधपुर के डॉ. साबिर हुसैन, बीकानेर की डॉ. विनीता चौधरी और अजमेर के डॉ. राज मणि सदस्य हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के डॉ. के.के. शर्मा संयोजक एवं समन्वयक होंगे।
“लिवर की बीमारी का इलाज तभी आसान है, जब उसका पता समय रहते चल जाए। जन आरोग्य लिवर क्लीनिक इसी सोच के साथ मरीजों तक जांच, सलाह और जरूरी उपचार पहुंचाने की पहल है।”
-डॉ. विपिन माथुर, अध्यक्ष, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, आरएनटी मेडिकल कॉलेज