भारी सुरक्षा के बीच लेकर राजसमंद से उदयपुर लेकर पहुंची पुलिस, पहले जोधपुर जेल से चालानी गार्ड सीधे राजसमंद कोर्ट में पेशी पर ले गए
उदयपुर . राजसमंद में बंगलादेशी श्रमिक अफराजुल की हत्या के आरोपित शंभूलाल रेगर को पुलिस नियत पेशी पर बुधवार को राजसमंद न्यायालय में लेकर पहुंची। पेशी भुगतने के बाद उसे मानसिक रोगी की जांच के लिए उदयपुर के एमबी. चिकित्सालय लाया गया। भारी सुरक्षा के बीच मनोचिकित्सकों की मेडिकल टीम ने शंभू से पूछताछ की। हत्या व उसके संबंधित वीडियो वायरल होने पर अधिवक्ता ने शंभूलाल के मानसिक रोगी होने संबंधित राजसमंद जिला न्यायालय में आवेदन किया था।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद मनो चिकित्सक की मौजूदगी में शंभू का मेडिकल करवाने के आदेश दिए थे। आदेश की पालना में पुलिस राजसमंद में मेडिकल टीम नहीं होने से उसे उदयपुर लेकर पहुंची। यहां पहुंचने से पहले उदयपुर में सशस्त्र पुलिस बल की टुकड़ी के साथ ही गुप्तचर विभाग की टीमें यहां अस्पताल पहुंच गई। अस्पताल में चिकित्सकों ने मनोरोग विभाग में ही एक कक्ष में शंभूलाल रेगर से शंभूलाल रेगर से मानसिक रोग संबंधी पूछताछ की। पांच सदस्यीय टीम ने उससे अलग-अलग जानकारियां ली। चिकित्सकों ने हालांकि किसी तरह का कोई खुलासा नहीं किया लेकिन उन्होंने उसकी मनोस्थिति को पूरी तरह से टटोला।
यह था मामला
सौ फीट रोड राजसमंद में कलक्ट्री के पास 6 दिसंबर को बंगाल के चुनाई ठेकेदार अफराजुल की गेंती से हमला कर शंभूलाल रेगर ने नृशंस हत्या कर दी। आरोपित शंभू ने उसके भांजे से घटना का लाइव वीडियो बनवाया। इसके अलावा हर लवजिहादी का यही हश्र करने की धमकी भरे पांच अन्य वीडियो भी बनाए, जिसे घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। नृशंस हत्या के लाइव वीडियो से लोगों में सनसनी फैल गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने दो दिन राजसमंद में इंटरनेट भी बंद कर दिए। उसी सप्ताह राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए।