उदयपुर

‘लाली’ की आंख खुली पर ‘हथेली’ खाली… राजस्‍थान में ये हैं लाडल‍ियों के ल‍िए चलाई जा रही राजश्री योजना के हाल..

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Aug 11, 2018
CHILD
Many children die in the state every year

भुवनेश पंड्या/ उदयपुर. राज्य में बालिका के जन्म को बढ़ावा देने व लिंगानुपात के अन्तर को कम करने के लिए सरकारी कोष से निकली राशि अब तक ‘नन्ही लाली’ की हथेली तक नहीं पहुंची। कन्या के जीवित जन्म लेने के बाद तुरन्त 2500 रुपए संबंधित प्रसूता को देने का प्रावधान है, वहीं दूसरी किस्त में 2500 रुपए दिए जाने हैं। मगर प्रदेश में करीब 50 हजार 348 बेटियों को दोनों किस्तों का पैसा नहीं मिला। खास बात यह है कि राजधानी जयपुर का संभाग ही पूरे प्रदेश में सबसे पीछे है।

राज्य का चिकित्सा विभाग स्कॉच अवार्ड प्राप्त करने एवं डॉटर्स आर प्रिशियस कार्यक्रम के माध्यम से गिनिस बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने की मुहिम में लगा हुआ है। दूसरी ओर विभाग की ओर से राज्य सरकार पोषित इस योजना की पहली किस्त में 114391 जीवित जन्मी कन्याओं में से 93531 को ही भुगतान हो पाया है, जो 82 प्रतिशत है, जबकि सख्त निर्देश हैं कि यह राशि पूरी 100 प्रतिशत जारी की जाए। राज्य में अप्रेल 2018 से जून 2018 के बीच जन्मी 20860 बच्चियों का भुगतान करीब दो माह बीतने के बाद भी नहीं हुआ है। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर संभाग में मिलाकर 15 हजार बेटियां अपने इस हक से वंचित हैं।

29488 बालिकाओं की दूसरी किस्त बकाया

बालिका के टीकाकरण व एक वर्ष पूर्ण होने पर द्वितीय किस्त के रूप में 2500 रुपए का भुगतान करना होता है। जून 2017 से द्वितीय किस्त का भुगतान करना था, लेकिन विभाग स्तर पर 29488 बालिकाओं का भुगतान बकाया है।

संभागवार स्थिति: प्रथम किस्त

संभाग....लंबित मामले...रैंक

अजमेर...1625...पहली
कोटा...1256... दूसरा

उदयपुर...2426...तीसरी
भरतपुर...1733...चौथी

बीकानेर...1754... पांचवीं
जयपुर...6293... सातवां

जोधपुर...5773... छठा

हम प्रयास करते हैं कि समय पर पूरी राशि जारी हो जाए, जो बकाया भुगतान है उसे भी जल्द करवाएंगे।

मंजू अगवाल, उपनिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उदयपुर संभाग

Updated on:
11 Aug 2018 04:04 pm
Published on:
11 Aug 2018 03:55 pm