उदयपुर

Udaipur: पति के साथ रिटायर्ड महिला अधिकारी को भेजा जेल, 272 भूखंड आवंटन घोटाला केस में किया गिरफ्तार

Udaipur 272 Plot Scam: उदयपुर के 272 भूखंड आवंटन घोटाले में एसओजी ने रिटायर्ड महिला अधिकारी हेमलता कांकरिया, उनके पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्लॉट का नामांतरण और 50.01 लाख रुपए में बिक्री का मामला सामने आया है।
2 min read
Aug 11, 2026
udaipur plot scam
सेवानिवृत्त अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया (फोटो: पत्रिका)

Retired Officer Hemlata Kankaria: उदयपुर नगर निगम के बहुचर्चित 272 भूखंड आवंटन घोटाले के मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड महिला अधिकारी, उसके पति समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। SOG ने तीनों आरोपियों को पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को तीनों को दोबारा कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए गए।

एसओजी ने इस मामले में सेवानिवृत्त अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया, उनके पति निरंजन मोगरा और कच्छ गुजरात निवासी, हाल सूरत में रह रहे दिनेश भाई जैन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान एसओजी ने तीनों आरोपियों से भूखंड की सौदेबाजी, दस्तावेजों और रुपयों के लेनदेन से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई।

एसओजी ने दर्ज किए बयान

रिमांड के दौरान एसओजी ने तीनों आरोपियों के बयान दर्ज किए। जांच एजेंसी ने भूखंड आवंटन की प्रक्रिया, तैयार किए गए दस्तावेजों की भूमिका और रुपयों के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। इसके साथ ही मामले में शामिल अन्य लोगों और संभावित आरोपियों के बारे में भी जानकारी ली गई।

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसओजी अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एजेंसी की ओर से जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचा था प्लॉट

मामले के अनुसार वर्ष 2022 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि नगर निगम के हिरण मगरी सेक्टर-11 स्थित प्लॉट नंबर 546 के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इसके बाद एक फर्जी व्यक्ति किशन पटेल के नाम पर लीज डीड और नामांतरण जारी करा दिया गया।

बाद में इसी भूखंड को सलूंबर निवासी अनिल कचौरिया को 50.01 लाख रुपए में बेच दिया गया। जांच के दौरान भूखंड के दस्तावेजों और नामांतरण प्रक्रिया को लेकर कई अहम तथ्य सामने आए।

खाली प्लॉटों पर हुई गड़बड़ी

जांच में यह भी सामने आया कि उदयपुर विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2012 में कई कॉलोनियां नगर निगम को हस्तांतरित की थीं। इन कॉलोनियों में मौजूद कई खाली और कॉर्नर प्लॉटों की पर्याप्त निगरानी नहीं होने का फायदा उठाया गया। आरोप है कि इन भूखंडों पर कब्जे के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और फिर नामांतरण की प्रक्रिया कराई गई।

इस मामले में एसओजी अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी की कार्रवाई आगे भी जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

Updated on:
11 Aug 2026 02:03 pm
Published on:
11 Aug 2026 02:02 pm