-पांच लाख रुपए पर समझौते के बाद अंतिम संस्कार
वाना. नेशनल हाईवे 76 पर नारायणपुरा टोल प्लाजा पर रविवार को ग्रामीणों ने हादसे में मरने वाले युवक का शव रखकर मुआवजे के लिए हंगामा कर दिया। दिनभर गहमागहमी बनी रही। मुआवजे के समझौते के बाद शव उठाया गया।
जानकारी के अनुसार राजमार्ग पर साफ-सफाई और पेड़ों की कटाई-छंगाई के लिए मजदूरों को लाने-ले जाने वाले ठेकेदार की गाड़ी का चालक वरणी (भींडर) निवासी नारायणलाल (35) पुत्र रामलाल ढोली गत 1 दिसम्बर को डबोक में ड्यूटी पर रहते दुर्घटना में गंभीर घायल हो गया था। उदयपुर के निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान शनिवार शाम उसकी मौत हो गई। परिजन व ग्रामीण शव लेकर नारायणपुरा टोल प्लाजा आ पहुंचे और 25 लाख रुपए मुआवजा मांगने लगे।
सूचना पर भींडर थाने से एएसआई रेवाशंकर जाप्ता लेकर पहुंचे। वल्लभनगर डीएसपी घनश्याम शर्मा भी अए। वरणी सरपंच प्रतिनिधि भैरूलाल चौबीसा की अगुवाई में ग्रामीणो एवं टोल प्लाजा प्रभारी पवन शर्मा के बीच बातचीत शुरू हुई। चार घंटे तक वार्ता के बाद पांच लाख रुपए मुआवजा सोमवार शाम तक देने एवं नियमानुसार सहायता की राशि 15 दिन में दिलवाने का लिखित समझौता होने के बाद परिजन शव लेकर गांव लौटे, जहां अन्तिम संस्कार किया गया। नारायण के दो बेटियां और एक बेटा है।
महिलाओं ने स्टाफ को बूथ से निकाला
विवाद के दौरान टोल प्लाजा से गुजरते चित्तौडग़ढ़ सांसद चन्द्रप्रकाश जोशी भी रुके। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। फिर टोल प्रबंधन के उच्च अधिकारियों से बातचीत कर उचित मुआवजा देने को कहा। इससे पहले वरणी से आई महिलाओं ने टोल बूथ पर हंगामा किया। इन्होंने टोल कर्मचारियों को बूथ से बाहर निकाल दिया। इस बीच आधे घंटे तक बिना टोल चुकाए कई वाहन गुजरते रहे। समझाइश के बाद टोल कलक्शन बहाल हो पाया।