
प्रमोद सोनी/उदयपुर. दीपोत्सव का पाच दिवसीय पर्व सोमवार को धनतेरस से शुरू हुआ। पर्व को लेकर लोगों में सुबह से उत्साह व उमंग रही। महालक्ष्मी में दिनभर श्रृदालुओं की भीड रही। शाम होते ही हर घर दीपक की रोशनी से झगमगा उठे। कई घरों में दीपक के साथ ही रंग -बिरंगे बल्बों से भी घरो को सजाया गया। शहर के एक मात्र आस्था के केंद्र भट्टियानी चौहट्टा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में धनतेरस से गोवर्धन पूजा तक उत्सवी रहेगा। धनतेरस पर सुबह महालक्ष्मी का पंचामृत अभिषेक के बाद विशेष श्रृंगार धराया गया। व सुबह ११ बजे भोग लगाया गया। महालक्ष्मी के दर्शनो को सुबह से श्रृदालुओं की भीड़ रही जो शाम को ओर बढ गया। दोपहर को घरों में महिलाओं ने मांडऩे व रंगोली बनाई गई व शाम को दीपक जलाकर घर के परेंडे पर व घर की देहलीज, छत पर व तुलसी के पौधे के समक्ष रखे। इसके साथ ही महिलाएं दीयों का थाल लेकर महालक्ष्मी मंदिर पहुंची व मंदिर पर दीपदान किया।
दीपक व मटकियां खरीदी
धनतेरस पर बर्तनो के साथ ही मिट्टी की सामग्री खरीदने की परम्परा भी है जिसमें विशेषकर दीपक व मटकी है। घरों में दीपावली पर परेंड़े पर नई मटकी रखने की परम्परा है। वही धनतेरस पर ही खरीदे गये दीपक जलाए जाते है।
शाम को बाजार झगमगा उठे
धनतेरस की शाम बाजार भी रोशनी से नहा उठे। शहर के प्रमुख बाजार भट्टियांनी चौहट्टा, बापू बाजार, बडा बाजार, मालदास स्ट्रीट, घंटाघर व उप नगरीय क्षेत्र झगमगा उठे। इसके साथ ही शहर के लोग शाम को विशेष रूप से रोशनी देखने उमडे़। इस दौरान बाजार में खरीदारी भी हुई।