
उदयपुर/ सलूम्बर. salumber mla अतिवृष्टि ने क्षेत्र के किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। खेत में खड़ी हुई फसलें तबाह हो गई हैं। मजदूर और किसानों के पास दो जून की रोटी के लिए अनाज भी नहीं बचा है। मजबूरी में किसान और गरीब तबका दीपावली जैसे त्योहार पर घर छोड़कर पलायन को मजबूर है। ये बात सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमृतलाल मीणा ने संभागीय आयुक्त को लिखे गए पत्र में स्पष्ट की है। विधायक ने संभागीय आयुक्त से पलायन को रोकने के लिए स्थानीय लोगों की समस्याओं को तत्काल प्रभाव से दूर कराने की मांग की। विधायक मीणा ने ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि अधिक बारिश अतिवृष्टि के कारण खरीफ की फसलें मक्का, सोयाबीन,उड़द एवं चवले की खड़ी फसल खराब हो गई है। पशुओं का शत प्रतिशत चारा खराब हो चुका है। किसान के पास जीवन जीने के लिए संशाधनों का अभाव है। लोग गांव छोड़कर रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। किसानों ने बैंकों एवं परिचित लोगों से कर्ज लेकर खरीफ की फसल की बोई थी, लेकिन शत प्रतिशत फसलों के खराबे के बाद कर्जदार और बैंक प्रतिनिधियों की ओर से किसानों से तकाजा किया जा रहा है। विषम परिस्थितियों में किसान मुश्किल भरे दौर से गुजर रहा है। विधायक ने प्रशासनिक अमले से तत्काल गिरदावरी कर फसलों के हुए नुकसान का मुआवजा भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू करने तथा बैंक ऋण माफ करने के साथ निरंतर हो रहे पलायन को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
स्वयं सहायता समूहों को किया प्रशिक्षित
अदवास. मेवल के नईझर गांव स्थित अटल सेवा केंद्र में स्वयं सहायता समूहों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जागरण जन विकास समिति वली के तत्वावधान में हुआ। संस्थान के निदेशक पंकज पालीवाल ने बताया कि नरेगा अधिनियम के तहत अधिकतम एनिकट, धोरा निर्माण व व्यक्तिगत कामों को प्राथमिकता देकर पूरा कराने होंगे। ताकि भूजल स्तर में बढ़ावा हो सके। समूहों के माध्यम से छोटी-मोटी बचत करके बैंक के सहयोग से गांवो मे लघु उद्योग की स्थापना संभव है। प्रशिक्षण में चार पंचायतों से 5 स्वयं सहायता समूहों की करीब एक सौ महिलाओं ने हिस्सा लिया। कैलाश गुर्जर, रायसिंह, भगवतीलाल पुरोहित एवं अन्य ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
फोटो केप्शन: नईझर गांव में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देते पदाधिकारी।