
उदयपुर/ भाणदा. scooty for girl student प्रदेश सरकार की मुक्त स्कूटी योजना से जुड़ी ऑनलाइन की तकनीकी खामी ने मेधावी छात्रा को उसके अधिकार से वंचित किया है। ऐसा एक मामला हाल में सामने आया है, लेकिन ऐसे और भी बहुत से मामले हैं जहां ऑनलाइन के नाम पर बालिकाओं को सरकारी सुविधा से वंचित रखा गया है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार स्तर पर चलाई जा रही स्कूटी योजना को लेकर ऑनलाइन डाटा फिडिंग की अनिवार्यता का प्रावधान है। ऐसे में पिछली स्कूल में परिणाम देकर अन्य स्कूल में स्थानांतरित हुई कई बालिकाओं का डाटा ऑनलाइन फिडिंग नहीं हो सका है। इस कारण से कई योग्य बालिकाएं सरकारी योजना से वंचित हो रही हैं। जनजाति क्षेत्र के ब्लॉक खेरवाड़ा के बरोठी ब्राह्मण स्थित राउमावि में सत्र 2018-19 में कक्षा 10वीं में 69 प्रतिशत अंक अर्जित करने वाली सपना डामोर पुत्री प्रकाशचन्द्र ड़ामोर ने कक्षा 11वीं के लिए उदयपुर के महिला मण्डल उदयपुर में विज्ञान वर्ग में प्रवेश लिया। छात्रा ने पात्रता के आधार पर मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के लिए आवेदन के प्रयास किए। दोनों ही विद्यालयों में कई बार संपर्क किया। बावजूद इसके विभागीय जिम्मेदारों ने एसएसओ आइडी एवं नाम नहीं दर्शाने का कारण बताते हुए बालिका के उत्साह को खत्म कर दिया। योग्यता के बावजूद बालिका सुविधा से वंचित रह गई।
नहीं मिला न्याय
मुझे ऑनलाइन व्यवस्था के बारे में पूरा पता नहीं है। लेकिन, योजना को लेकर मैंने बेटी के विद्यालय और माणिक्य वर्मा आदिम शोध संस्थान में दो बार संपर्क किया। विद्यालय स्टाफ ने एसएसओ का तकनीकी कारण बताकर विद्यालय स्टाफ ने आवेदन लेने से इनकार किया। मेरी बच्ची सरकारी सुविधा से वंचित रह गई है।
प्रकाश डामोर, योग्य बालिका का पिता