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स्टेट हाइवे को लेकर अब आई ये नई खबर, जानलेवा’ हाइवे पर भी देना होगा टोल

- उदयपुर सम्भाग में नौ में से तीन सडक़ें बुरी तरह क्षतिग्रस्त, डेढ़ साल पहले निर्धारित शुल्क वसूलेंगे ठेकेदार
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स्टेट हाइवे को लेकर अब आई ये नई खबर, जानलेवा’ हाइवे पर भी देना होगा टोल

स्टेट हाइवे को लेकर अब आई ये नई खबर, जानलेवा’ हाइवे पर भी देना होगा टोल

जीतेंद्र पालीवाल/उदयपुर. स्टेट हाइवे पर निजी चौपहिया वाहनों से राज्य में 300 करोड़ रुपए टोल शुल्क वसूली के लक्ष्य के तहत उदयपुर सम्भाग की मौजूदा टूटी तीन सडक़ों पर भी टोल वसूली की जाएगी। कुल नौ सडक़ें अतिरिक्त राजस्व जुटाएंगी। इनमें से कुछ सडक़ों के कई किलोमीटर के हिस्से जानलेवा बने हुए हैं। कहने को ये स्टेट हाइवे हैं, लेकिन इनकी दशा काफी बदतर हो चुकी है।

इन मार्गों में दरीबा-फतहनगर स्टेट हाइवे का काफी हिस्सा लम्बे समय से टूटा हुआ है, जिस पर भी अब वाहन चालकों को टोल देना होगा। उदयपुर-सलूम्बर स्टेट हाइवे-53 पर कुल 93 किमी हिस्से में से करीब 20 किमी टुकड़ा पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। हाल ही में निर्मित सडक़ के बीच कई जगह से खराब इस टुकड़े पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। तेज गति से चलते वाहन यहां अनियंत्रित हो जाते हैं। गुड़ेल गांव में तो सडक़ इस कदर टूटी है कि जरा सा ध्यान चूकने पर बड़े गड्ढे हादसे का शिकार होने की वजह बन सकते हैं। अधिकांश जगह डामर गायब है। गींगला व करावली में सडक़ परेशान करती है। उदयपुर-डबोक-मावली-चित्तौडगढ़़ मार्ग के भी कमोबेश यही हालात हैं। यहां से गुजरते वाहन चालक टोल शुल्क देने के बावजूद खुद को ठगा सा महसूस करते हैं, जब उबड़-खाबड़ रास्ते उनके वाहनों की गति को प्रभावित करते हैं। बाकी मार्गों की स्थिति अच्छी है। इन मार्गों पर 25 से लेकर 80 रुपए तक टोल शुल्क निर्धारित है।

सरकार डेढ़ साल बाद फिर से शुल्क वसूली शुरू करने जा रही है। राज्य के 57 स्टेट हाइवे में से उदयपुर जोन में राजस्थान राज्य सडक़ विकास निगम (आरएसआरडीसी) के पास आठ और एक सडक़ सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन है। वर्तमान में ठेकेदार फर्मों के माध्यम से टोल शुल्क वसूली की जा रही है।

इन सडक़ों पर आपकी गाड़ी अब नहीं गुजर सकेगी मुफ्त में
1. आरएसआरडीसी : उदयपुर-डबोक-मावली-चित्तौडगढ़़, एसएच-9, डबोक, कपासन, चित्तौडगढ़़ में टोल नाका

2. आरएसआरडीसी : कीर की चौकी-सलूम्बर, 72 किलोमीटर, केवड़ा की नाल व सलूम्बर टोल नाका

3. आरएसआरडीसी : मंगलवाड़-निम्बाहेड़ा मार्ग, 40 किमी लम्बाई, मोखन व साकडिय़ा खेड़ी में टोल नाका

4. आरएसआरडीसी : बांसवाड़ा-रतलाम मार्ग,एसएच-10, 30 किमी दूरी, कुण्डला व ककई डूंगरी में टोल नाका
5. आरएसआरडीसी : देबारी-कुराबड़-बम्बोरा, 42 किमी लम्बाई, साकरोदा व कुराबड़ में टोल नाका

6. पीडब्ल्यूडी : उदयपुर-सलूम्बर-बांसवाड़ा एसएच-32, 93 किमी लम्बाई, ओरड़ी, पिण्डावल व बड़लियों में टोल नाका

7. आरएसआरडीसी : चारभुजा-देसूरी मार्ग, झीलवाड़ा टोल नाके पर 20 रुपए, देसूरी में 20 रुपए

8. आरएसआरडीसी : फतहनगर-दरीबा एनएच-162ए, 20 किमी लम्बाई
9. आरएसआरडीसी : प्रतापगढ़-मंदसौर, 20 किमी लम्बाई

आदेश नहीं आए हैं

अभी हमारे पास लिखित आदेश नहीं आए हैं। आते ही निजी गाडिय़ों से भी वसूली शुरू के निर्देश दे दिए जाएंगे। शुल्क डेढ़ साल पहले निर्धारित दर से ही लिया जाएगा।

अशोक जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आरएसआरडीसी

विरोध में जनता सेना, आंदोलन की चेतावनी

इधर, कांग्रेस सरकार के फैसले का विरोध भी शुरू हो चुका है। जनता सेना, राजस्थान ने चेतावनी दी कि अगर इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो जन आन्दोलन किया जाएगा। जनता सेना के संरक्षक व वल्लभनगर पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए स्टेट हाइवे, जो कि ज्यादातर ग्रामीण इलाकों से गुजरते हैं, वहां टोल टैक्स लेना बन्द कर दिया था। सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ, लेकिन वह निर्णय आम नागरिकों की सुविधा के लिए था। सरकार ने इसे वापस लिया, यह निन्दनीय है। जनता सेना राजस्थान राज्य सरकार के इस निर्णय का घोर विरोध करती हैं। सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो अगर जरूरत पड़ी किसी भी हद तक जाकर इसका विरोध किया जाएगा।


जनता की परेशानियां बढ़ेगी

लोगों की परेशानियों को देखते हुए ही पिछली सरकार ने माफ किया था। अनायास ही परेशानियां बढ़ेगी। पार्टी ने तय किया है कि हम इसके खिलाफ शुक्रवार को धरना देंगे, जनता कितना समर्थन देती है उसके अनुसार आंदोलन की आगे की रूपरेखा भी तय की जाएगी।
- गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष विधानसभा