उदयपुर

पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास आग में झुलसी, गणगौर पूजा के दौरान चुन्नी ने पकड़ी आग; अहमदाबाद रेफर

राजस्थान कांग्रेस की सीनियर लीडर गणगौर की पूजा करते समय आग में झुलस गई। जिसके चलते उन्हें अहमदाबाद रेफर कर दिया गया है।

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Mar 31, 2025
Senior Congress leader Girija Vyas

राजस्थान कांग्रेस की सीनियर लीडर और पूर्व केन्द्रीय मंत्री गिरिजा व्यास के गणगौर की पूजा करते समय आग में झुलस गई। बताया जा रहा है कि उनकी चुन्नी में आग लग गई। जिसके चलते उन्हें अहमदाबाद रेफर कर दिया गया है। इससे पहले परिजान उन्हें उदयपुर के निजी अस्पतान लेकर पहुंचे थे।

गिरिजा व्यास की बहू हितांशी शर्मा का कहना है कि गणगौर की पूजा करने के बाद नीचे जल रहे दीपक से चुन्नी ने आग पकड़ ली। सभी लोग अपने-अपने कामों में लग गए थे। इसके बाद तुरंत और मेरे पति और घर में काम करने वाला बसंत उन्हें अस्पताल लेकर गए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि इस घटना की सूचना मिलने के दौरान वे फार्म हाउस पर थे। उनकी बहन डॉ. गिरिजा व्यास झुलस गईं हैं। आनन-फानन में वह अस्पताल पहुंचे और बहन को लेकर अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए।

उन्होंने आगे बताया कि डॉ. गिरिजा व्यास घर में ही पूजा कर रही थीं। गणगौर की पूजा के चलते घर में विशेष पूजा की जा रही थी। ऐसे में दीपक ने आग पकड़ ली और वह झुलस गईं।

गहलोत ने की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के आग से झुलसकर घायल होने का समाचार चिंताजनक है। मैं ईश्वर से उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।'

राजनीति का रहा है लंबा अनुभव

पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास कांग्रेस की सीनियर लीडर हैं। उन्हें राजनीति का लंबा अनुभव रहा है। वे साल 1977 से 1984 तक जिला कांग्रेस कमेटी, उदयपुर की जिलाध्यक्ष बनीं। वर्ष 1985 से 1990 तक राजस्थान विधानसभा की सदस्य रहीं। इस दौरान उन्होंने पर्यटन राज्यमंत्री के तौर पर दायित्व संभाला। गिरिजा व्यास राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। साल 1990 से अब तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य हैं।

डॉ गिरिजा व्यास साल 1991 में पहली बार लोकसभा सदस्य के साथ उन्हें सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली। उन्होंने उदयपुर से लोकसभा का चुनाव जीता था। साल 1993 में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। साल 1996 और 1999 में भी लोकसभा की सदस्य निर्वाचित हुईं। वे दो कार्यकाल तक राष्ट्रीय महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं।

Updated on:
31 Mar 2025 09:19 pm
Published on:
31 Mar 2025 04:27 pm
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