उदयपुर

उदयपुर का भारतीय लोककला मण्डल मना रहा है 68वांं स्थापना दिवस, लोक कलाकारों ने दी धमाकेदार प्रस्‍तुतियां

- स्थापना दिवस समारोह शुरू
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Feb 23, 2019
lokkala mandal
लोकानुरंजन मेले में खूब जमी लोकनृत्यों की रंगत

उदयपुर . भारतीय लोककला मण्डल के 68वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित लोकानुरंजन मेले में शुक्रवार को देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने रंगारग प्रस्तुतियां दी वहीं, शिल्प मेले का आगाज भी हुआ।

निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि 24 फरवरी तक लोकानुरंजन मेला चलेगा। साथ ही 25 फरवरी से 2 मार्च तक कला मंडल तथा द परफोरमर्स के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय नाट्य समारोह सहित शिल्प मेले का आयोजन जारी रहेगा।

लोकानुरंजन मेले में शाम को मुक्ताकाशी मंच पर बाड़मेर का लंगा दल, जोधपुर का कालबेलिया, बारां का सहरिया स्वंाग, बालोतरा का लाल आंगी गैर, हरियाणा का धमाल, उत्तराखण्ड का वीर नृत्य, तेलंगाना का वोगू डोलू एवं गुसाड़ी, मथुरा का मयूर नृत्य, गोवा का वीर भद्र, मध्यप्रदेश का बधाई लोकनृत्य, महाराष्ट्र की लावणी जैसे लोक नृत्यों की दमदार प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
इससे पूर्व दोपहर को शिल्प मेले का शुभारंभ हुआ। इसमें आजमगढ़ की बनारसी साड़ी, कोटा डोरिया, जयपुर के पत्थरों के आभूषण, आसाम के शिल्प, लकड़ी के खिलौने, प. बंगाल के बम्बू और ड्राय फ्लावर, आकोला की ब्लॉक प्रिंट, मोलेला मिट्टी की कारीगरी सहित अन्य प्रांतों के हस्त शिल्प मुख्य आकर्षण है।

तीन दिवसीय नाट्य मंचन 25 से

देवीलाल सामर स्मृति राष्ट्रीय नाट्य समारोह में 25 फरवरी को सौरभ अनंत निर्देशित नाटक 'हास्यचूड़ामणिÓ 26 फरवरी को चित्रा मोहन निर्देशित नाटक 'मच-मच गाड़ीÓ 27 फरवरी को प्रिवेन्द्र सिंह निर्देशित नाटक 'शापग्रस्तÓ 28 फरवरी को चित्रा मोहन निर्देशित नाटक 'रिफ्लेक्शन अननोनÓ 1 मार्च को अशोक बांठिया निर्देशित नाटक 'कृष्णाÓ तथा 2 मार्च को सोनू रोंझिया निर्देशित नाटक ' डॉक्टर आप भीÓ का मंचन शाम ७ बजे से होगा। सभी कार्यक्रमों में आमजन के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।

Updated on:
23 Feb 2019 06:09 pm
Published on:
23 Feb 2019 05:59 pm