गोगुंदा प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया।
उदयपुर . गोगुंदा विकास अधिकारी मनहर विश्नोई की गिरेबां पकडऩे और मोड़ी सरपंच प्रहलादसिंह झाला से गाली गलौच करने के मामले में सुर्खियों में आए गोगुंदा प्रधान पुष्कर तेली की मुसीबतें कम होती नहीं दिख रही हैं। प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को संगठन प्रतिनिधियों ने ज्ञापन देकर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। दूसरी ओर मोड़ी सरपंच के समर्थन में श्रीराजपूत करणी सेना के नेतृत्व में राजपूत समाज के युवाओं ने उदयपुर शहर मुख्यालय पर वाहन रैली निकाली। प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी करते हुए समाजजनों ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले सुबह के समय समाजजन बीएन कॉलेज परिसर में एकत्र हुए।
संगठनों की चेतावनी
राजस्थान पंचायती राज संगठन के अध्यक्ष एवं गिर्वा विकास अधिकारी अजय कुमार आर्य के नेतृत्व में खेरवाड़ा बीडीओ महेश मीणा, सेमारी बीडीओ विशाल सिपा, झाड़ोल बीडीओ रमेश मीणा, गोगुंदा बीडीओ मनहर विश्नोई, ग्राम सचिव संघ अध्यक्ष शंकरलाल कुम्हार, पंचायत प्रसार अधिकारी संघ के अध्यक्ष झाला, कर्मचारी महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेरसिंह चौहान, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के ग्रामीण जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह शक्तावत, पीओ यशवंत पूर्बिया, राजेंद्र शर्मा एवं अनिल श्रीमाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने पहले सीईओ अविचल चतुर्वेदी, फिर एडीएम सीआर देवासी एवं अंत में संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष आर्य ने कहा कि निर्धारित अवधि में प्रधान की गिरफ्तारी नहीं होती है तो सभी विकास अधिकारी पहले 5 दिन पेनडाउन हड़ताल पर रहेंगे। बाद में अनिश्चित कालीन आंदोलन की राहत पकड़ेेंगे।
एक हुआ राजपूत समाज
श्रीराजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष देवेंद्रनाथसिंह फलीचड़ा, विवि के पूर्व अध्यक्ष मयूरध्वजसिंह चौहान, संगठन के संभाग मंत्री कुंदनसिंह कच्छोर, शहर अध्यक्ष गजेंद्रसिंह, जोगेंद्रसिंह शक्तावत, गोटू बाठेड़ा, धीरेंद्रसिंह, अरविंदसिंह मालपपुर, सूर्यराजसिंह वाघेला, धर्मेन्द्रङ्क्षसह गोगुंदा, अरविंदसिंह पावटा सहित अन्य पदाधिकारियों ने ५ दिन के भीतर आरोपित प्रधान तेली की गिरफ्तारी करने की चेतावनी दी। साथ ही सत्ताधारी पार्टी के प्रतिनिधियों से अभद्रता करने वाले प्रधान को उसके पद से हटाने की मांग की। समाजजनों का आरोप है कि लोकतंत्र में राजनीतिक पद में होते हुए इस तरह की अभद्रता एवं गालियां देने वाले प्रतिनिधि से समाज विदुषित होता है।