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उदयपुर . महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय में एमपीयूएटी एवं स्वदेशी जागरण मंच के रोजगार पर राष्ट्रीय कार्यदल की ओर से उच्च शिक्षा के समुन्नयन पर राज्य स्तरीय कुलपति सम्मेलन हुआ।सम्मेलन की अध्यक्षता स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल ने की। मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी थी। सम्मेलन में राज्य की 13 विभिन्न राजकीय एवं 12 गैर-राजकीय विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करते हुए कुलपतियों सहित 55 शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि किरण माहेश्वरी ने सम्मेलन को राज्य के उच्च शिक्षा विकास एवं रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव प्रयास बताया। उन्होंने प्रदेश में कौशल विकास के विभिन्न आयाम स्थापित होने की बात कहते हुए कहा कि आज साठ हजार से अधिक युवाओं को इग्नू के माध्यम से कौशल विकास अभिनवों से जोड़ा गया है। ब्लॉक स्तर पर महाविद्यालय खोलने के प्रयास किए गए हैं तथा 132 स्नातक स्तर के महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में उन्नत किया गया है। इसी प्रकार शिक्षकों की कमी को पूरी करने के लिए 1250 व्याख्याताओं की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 800 अन्य व्याख्याताओं की भर्ती पर शीघ्र अनुमति मिलने की आशा है। कार्यशाला में हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विकास विवि के कुलपति प्रो. राज नेहरू , एमएलएसयू के कुलपति प्रो. जे.पी. शर्मा एवं पेसिफिक विवि के प्रेसिडेंट प्रो. बी.पी. शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। द्वितीय सत्र को अध्यक्षता कर रहे तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. एच.डी. चारण बंशीलाल विवि भिवानी के कुलपति प्रो. आर.के मितल एवं आईआईएम उदयपुर के निदेशक प्रो जनत शाह ने विचार व्यक्त किए।
हिन्दी पखवाड़ा के तहत संगोष्ठी
उदयपुर . राजस्थान साहित्य अकादमी और राजस्थान विद्यापीठ की ओर से हिन्दी पखवाड़े के तहत हिन्दी की विकास यात्रा पर संगोष्ठी हुई। समापन के अवसर पर सुविवि हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. माधव हाड़ा ने बताया कि भाषा के प्रति हमारी औपनिवेशिक सोच को बदलना होगा। भाषा के नामकरण की हमारे प्रथा या रिवाज नहीं है, लेकिन जार्ज गियर्सन ने यह कुछ सीमा तक किया है। आज की तकनीकी भी भाषा की उन्नति में सहायक है।