उदयपुर

खाप पंचायत जैसा फरमान: परिवार का हुक्का पानी बंद कराया, पालना नहीं करने पर 51 हजार रुपए का दंड

कुछ लोगों ने एक परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान दे दिया। खाप पंचायत की तरह दिए फरमान के खिलाफ पीड़ित ने शिकायत की। पुलिस ने तीन जनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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Feb 05, 2025
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सांकेतिक तस्वीर

उदयपुर। जिले के खेरोदा में जमीन को लेकर उपजे विवाद में गांव के कुछ लोगों ने एक परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान दे दिया। खाप पंचायत की तरह दिए फरमान के खिलाफ पीड़ित ने शिकायत की। पुलिस ने तीन जनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि खेरोदा निवासी मांगीलाल पुत्र उंकार सुथार ने स्थानीय निवासी भैरुलाल जणवा, उसके भाई दिनेश जणवा और मोडसिंह राठौड़ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि उसके मकान के पास ही एक बाड़ा है। जिसको लेकर भैरुलाल और दिनेश के साथ कुछ समय से विवाद है। दोनों भाई बाड़ा अपने नाम कराना चाहते हैं। भैरूलाल एक साल पहले जणवा समाज का अध्यक्ष बना और दिनेश पूर्व सरपंच है। दोनों बाड़े का सौदा करने का दबाव बना रहे हैं।

पहले दी चेतावनी

रिपोर्ट में बताया कि 12 जनवरी की रात भैरूलाल, दिनेश और 20-30 लोग घर आए और हल्ला किया। इसके बाद 24 जनवरी को मांगीलाल पुष्करना आए और दोनों भाइयों का संदेश दिया। कहा कि जितने रुपए लेने हो, लेकर बाड़ा भैरुलाल व दिनेश के नाम पर कर दे, नहीं तो हुक्का-पानी बंद करा देंगे।

दुकानों पर नहीं दी सामग्री

बताया कि मांगीलाल का पुत्र ललित गांव में राजेंद्र मेहता की किराने की दुकान पर सामान लेने गया तो उसने सामग्री देने से मना कर दिया। लक्ष्मीलाल देवड़ा के यहां दूध लेने गया तो मना कर दिया। जसवंत मारू ने उसके मकान के दरवाजे ललित से बनवाएं थे, उसने भी लगवाने से मना कर दिया।

इस तरह से चली पंचायती

गत 25 जनवरी को भैरूलाल व दिनेश ने छोगालाल मेघवाल से गांव में संदेश पहुंचवाया कि खोडीवल्ली के चबूतरे पर पंचायती है। दोनों भाइयों ने स्थानीय निवासी मोड़सिंह राठौड़ और लक्ष्मीलाल पूनिया का सहयोग लिया। इन्होंने कुछ लोगों को प्रभाव में लेकर पंचायती में इकट्ठा किया। रात 8 बजे पीड़ित को भी बुलाया तो वह रिश्तेदार के साथ गया। लोगों के बीच जबरन बैठाकर बेइज्जत किया।

मोडसिंह ने खुद को गांव का मुखिया मानते हुए रजिस्टर में लिखा-पढ़ी की। कहा कि अब मांगीलाल से सभी की बोली-चाली, उठक-बैठक, लेन-देन, पानी वगैरा सब बंद है। मौत मरण में भी नहीं जाएगा। बच्चों से स्कूल में भी कोई बात नहीं करेगा। बिजली और नल कनेक्शन भी काटे जाएंगे। परिवार का गांव से पूरी तरह से बहिष्कार रहेगा। जो भी इसकी पालना नहीं करेगा, उस पर 51 हजार रुपए दंड लगेगा।

Updated on:
05 Feb 2025 03:05 pm
Published on:
05 Feb 2025 03:05 pm