
उदयपुर . स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 को लेकर गुरुवार को उदयपुर की परीक्षा लेने के लिए केन्द्र सरकार की टीमें पहुंच गई। टीम तय समय पर नगर निगम पहुंची और सीधे उस कक्ष में दाखिल हुई जहां पर दस्तावेज रखे थे। कक्ष में बाहर से किसी का प्रवेश की अनुमति नहीं थी। जब मीडियाकर्मी पहुंचे तो पर्दा भी डाल दिया। टीम ने अपनी प्रक्रिया में ऐसी सख्ती बरती कि चाय की मनुहार पर कहा कि सर्वेक्षण को लेकर ही चर्चा, बाकी कोई बात नहीं।
नगर निगम में टीम सीधे पीछे एक्सईएन के कक्ष में पहुंची, जहां पर बिना किसी औपचारिकता के टीम ने सर्वे को लेकर दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया। टीम को नगर निगम ने गत वर्ष से अब तक शहर में किए गए कार्यों तथा स्वच्छ भारत अभियान में किए गए कार्यों की जानकारी दी। टीम को बताया गया कि शहर में जागरूकता के लिए किस तरह से अभियान चलाया और उनकी समस्याओं को भी एप के जरिए दूर की। टीम को चाय व अल्पाहार की मनुहार की लेकिन उसने कामकाज के दौरान अल्पाहार तो दूर, चाय भी नहीं ली।
एक टीम फील्ड में तो एक निगम में
दिल्ली से दो टीमें आई, जिसमें एक टीम ने निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग से जानकारी ली। इसी टीम के अन्य साथियों ने एक्सईएन मनीष अरोड़ा के कक्ष में दस्तावेज खंगाले। दूसरी टीम ने शहर में अलग-अलग स्थानों का गोपनीय दौरा किया। नगरीय विकास मंत्रालय के निदेशक शैलेन्द्र विक्रम सिंह केन्द्रीय पर्यवेक्षक के रूप में उदयपुर आए। सिंह ने शहर के मुख्य बाजारों, पब्लिक/कम्यूनिटी टॉयलेट, आयड़ नदी एवं शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। टीम शुक्रवार तक नगर निगम में ही दस्तावेजों व डाटा की जानकारी लेगी और शनिवार को शहर में जनता का फीडबैक लेगी।